यूपी में दलित महिला का आरोप: लोगों द्वारा धान की फसल काट लेने के बाद उसे जातिसूचक गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी मिली

Written by sabrang india | Published on: October 16, 2026
पीड़ित महिला का नाम प्रीति है, जो अनुसूचित जाति समुदाय से है। औछा पुलिस स्टेशन में दर्ज अपनी शिकायत में उसने बताया कि यह घटना 11 अक्टूबर 2026 को दोपहर के समय हुई।



उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के विक्रमपुर गांव में एक दलित महिला ने तीन लोगों और उनके साथियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने जबरन उसकी धान की फसल काट ली, उसके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करके गाली-गलौज की और उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

‘द ऑब्जर्वर पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित महिला का नाम प्रीति है, जो अनुसूचित जाति समुदाय से है। औछा पुलिस स्टेशन में दर्ज अपनी शिकायत में उसने बताया कि यह घटना 11 अक्टूबर 2026 को दोपहर के समय हुई।

प्रीति के अनुसार, नगला बंशी गांव के रहने वाले शैलेंद्र, चंद्रपाल और अमोल सिंह अपने साथियों के साथ उसके खेत में आए। उन्होंने एक हार्वेस्टर मशीन का इस्तेमाल करके उसकी जमीन (प्लॉट नंबर 104/5) पर खड़ी धान की फसल काट ली।

महिला का आरोप: जातिसूचक गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी

प्रीति ने बताया कि उसने उन लोगों को फसल काटने से रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उसे जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।

उसने कहा कि आरोपी प्रभावशाली लोग हैं और फसल के नुकसान से उसे भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। उसकी शिकायत के मुताबिक, धान की यह फसल ही उसके परिवार की आय का एकमात्र जरिया थी।

महिला ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उसने पुलिस से आग्रह किया है कि जबरन फसल काटने, जातिसूचक गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के इन आरोपों की जांच की जाए।

पुलिस ने मामला दर्ज किया, जांच जारी है

औछा पुलिस स्टेशन के प्रभारी चंद्रपाल सिंह ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू हो गई है।

वहीं, बीते महीने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में पट्टी पुलिस स्टेशन के एक कमरे में दलित युवक के फंदे से लटके पाए जाने के बाद पुलिसकर्मियों और एक नाबालिग लड़की के परिवार वालों पर हत्या और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

युवक पर लड़की के पिता ने अपहरण का केस दर्ज कराया था, क्योंकि दोनों कथित तौर पर घर से भाग गए थे।

प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में पट्टी के एसएचओ आनंद पाल सिंह और जांच अधिकारी ओंकार सिंह को सस्पेंड कर दिया।

पट्टी के सर्कल ऑफिसर प्रदीप सिंह के अनुसार, लड़की के पिता ने आरोप लगाया था कि युवक ने शादी करने के इरादे से उनकी 17 साल की बेटी का अपहरण कर लिया था। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। लड़की को गाजियाबाद से बरामद किया गया था और पुलिस व मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान दर्ज किए गए थे।

सिंह ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “उसने कहा कि वह अपनी मर्जी से युवक के साथ गई थी और उसके साथ रहना चाहती थी। चूंकि वह नाबालिग है, इसलिए कानून उसे बालिग होने तक यह फैसला लेने की इजाजत नहीं देता है।”

सीओ ने बताया कि युवक को गिरफ्तार नहीं किया गया था और वह सोमवार को खुद पुलिस स्टेशन आया था। उसे लॉक-अप में नहीं रखा गया था, बल्कि एक कमरे में बैठाया गया था जहां जांच अधिकारी उससे अपहरण के मामले में पूछताछ कर रहे थे। सिंह ने बताया कि अधिकारी किसी काम से कमरे से बाहर गए और लौटने पर उन्होंने युवक को बाथरूम के वेंटिलेटर से जुड़ी लोहे की रॉड से लटका हुआ पाया।

पुलिस के अनुसार, युवक ने कमरे में रखे कंबल से फाड़ी गई एक पट्टी का इस्तेमाल किया था। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिंह ने कहा कि एसएचओ और सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया क्योंकि पुलिस स्टेशन में रहने के दौरान आरोपी पर नजर रखने की जिम्मेदारी उन्हीं की थी।

सीओ ने बताया कि यह दूसरी बार था जब युवक और लड़की कथित तौर पर घर से भागे थे। पिछली बार भी लड़की को बरामद किया गया था और उसने कहा था कि वह अपनी मर्जी से गई थी और युवक के साथ रहना चाहती थी। नाबालिग होने के कारण उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया था। सिंह ने बताया कि इस बार लड़की के मिलने के बाद युवक पुलिस स्टेशन गया और दावा किया कि उन्होंने शादी कर ली है और पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं।

हालांकि, युवक के परिवार का आरोप है कि लड़की के पिता के कहने पर पुलिस ने उसे प्रताड़ित किया और उसकी मौत को छिपाने के लिए फांसी का नाटक रचा गया। सीओ ने बताया कि परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिसकर्मियों और लड़की के परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, “जांच से उन पर लगे आरोपों की सच्चाई सामने आएगी।”

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