यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनावों से पहले, PUCL दिल्ली ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से अपील की है कि वे अल्पसंख्यकों, दलितों और अन्य कमजोर समुदायों को निशाना बनाने वाले नफरत भरे भाषणों (हेट स्पीच) के खिलाफ तुरंत कदम उठाएं।

यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनावों से पहले, PUCL दिल्ली ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर निर्वाचन आयोग (ECI) से मांग की है कि वह अल्पसंख्यकों, दलितों और अन्य कमजोर समुदायों को निशाना बनाने वाले हेट स्पीच (नफरत फैलाने वाले भाषण) को रोकने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए।
इस सिलसिले में मानवाधिकार संगठन की दिल्ली इकाई ने निम्नलिखित मांगें की हैं:
– रैलियों, चुनावी भाषणों, टीवी, प्रिंट और सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए एक खास ‘हेट स्पीच मॉनिटरिंग सेल’ बनाया जाए।
– एक पब्लिक हेल्पलाइन और शिकायत करने की व्यवस्था हो ताकि नागरिक तुरंत हेट स्पीच की रिपोर्ट कर सकें।
– कानून और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर तुरंत कानूनी और चुनावी कार्रवाई की जाए।
– हेट स्पीच की रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई न करने या उसमें नाकाम रहने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
– लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए जिसमें बताया जाए कि हेट स्पीच क्या है और इसके कानूनी नतीजे क्या हो सकते हैं।
चुनाव डर, धमकी, सांप्रदायिक नफरत और हिंसा से मुक्त होने चाहिए।
यह मांग PUCL दिल्ली के महासचिव टी.एस. आहूजा और वकील वर्तिका मणि, सचिव (मीडिया), PUCL दिल्ली ने की है।
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यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनावों से पहले, PUCL दिल्ली ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर निर्वाचन आयोग (ECI) से मांग की है कि वह अल्पसंख्यकों, दलितों और अन्य कमजोर समुदायों को निशाना बनाने वाले हेट स्पीच (नफरत फैलाने वाले भाषण) को रोकने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए।
इस सिलसिले में मानवाधिकार संगठन की दिल्ली इकाई ने निम्नलिखित मांगें की हैं:
– रैलियों, चुनावी भाषणों, टीवी, प्रिंट और सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए एक खास ‘हेट स्पीच मॉनिटरिंग सेल’ बनाया जाए।
– एक पब्लिक हेल्पलाइन और शिकायत करने की व्यवस्था हो ताकि नागरिक तुरंत हेट स्पीच की रिपोर्ट कर सकें।
– कानून और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर तुरंत कानूनी और चुनावी कार्रवाई की जाए।
– हेट स्पीच की रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई न करने या उसमें नाकाम रहने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
– लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए जिसमें बताया जाए कि हेट स्पीच क्या है और इसके कानूनी नतीजे क्या हो सकते हैं।
चुनाव डर, धमकी, सांप्रदायिक नफरत और हिंसा से मुक्त होने चाहिए।
यह मांग PUCL दिल्ली के महासचिव टी.एस. आहूजा और वकील वर्तिका मणि, सचिव (मीडिया), PUCL दिल्ली ने की है।
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