UP में मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विपक्षी पार्टियों ने सरकार को घेरा, खराब खाना परोसने का आरोप

Written by sabrang india | Published on: August 6, 2026
इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्कूल के कुछ बच्चे जमीन पर बैठकर भोजन करते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि बच्चे पानी जैसी पतली सब्जी और जली हुई रोटी के साथ मिड-डे मील खा रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।



उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के महमूदाबाद विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय छंगापुर की प्रधानाध्यापिका कल्पना वर्मा को मिड-डे मील की गुणवत्ता में लापरवाही और निर्धारित नियमों के उल्लंघन के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने 5 अगस्त को जारी अपने आदेश में प्रधानाध्यापिका के खिलाफ यह कार्रवाई की।

द मूकनायक की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूल के बच्चे जमीन पर बैठे पानी जैसी पतली सब्जी खाते दिख रहे हैं। वीडियो ने स्थानीय स्तर पर चर्चा बढ़ा दी है और शिक्षा विभाग की कार्रवाई को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। यह वीडियो सीतापुर का बताया जा रहा है, हालांकि इसमें स्कूल का नाम स्पष्ट नहीं हो रहा है।

कांग्रेस ने एक अन्य वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “क्या आप इसे ‘सब्जी’ कहेंगे? शायद नहीं... लेकिन यूपी के स्कूलों में बच्चों को मिड-डे मील में यही सब परोसा जा रहा है। भाजपा सरकार पौष्टिक आहार के नाम पर बच्चों के साथ ऐसा घटिया और भद्दा मजाक कर रही है। ये सरकार शर्म बेचकर हर स्तर पर भ्रष्टाचार करने पर उतारू है और आलम ये है कि इनके नेता-मंत्री बच्चों का निवाला छीनने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।”



बताया जा रहा है कि मिड-डे मील की खराब गुणवत्ता का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापिका के खिलाफ कदम उठाया।

जारी आदेश में कहा गया है कि खंड शिक्षा अधिकारी, महमूदाबाद द्वारा पत्रांक-462/2026-27 के माध्यम से भेजी गई जांच आख्या और संस्तुति के आधार पर प्रधानाध्यापिका कल्पना वर्मा प्रथम दृष्टया दोषी पाई गईं।

जांच में आरोप सामने आए कि विद्यालय में परोसे जाने वाले मध्याह्न भोजन में सब्जी की गुणवत्ता अक्सर खराब रहती थी। इसके अलावा छात्रों को निर्धारित मात्रा में दूध उपलब्ध नहीं कराया जाता था और बच्चों को व्यवस्थित तरीके से बैठाकर भोजन भी नहीं कराया जाता था।

आदेश के अनुसार, प्रधानाध्यापिका ने अपने दायित्वों का निर्वहन निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं किया तथा विभागीय आदेशों और निर्देशों की अनदेखी करते हुए अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता का व्यवहार किया।

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी वर्ग नियमावली, 1973 सपठित उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के प्राविधानों के तहत उन्हें निलंबित किया गया है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मामले की विस्तृत जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड-पहला पुष्पराज सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि आरोपी कर्मचारी को नियमानुसार आरोप-पत्र जारी करते हुए अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए और विभागीय प्रक्रिया के तहत जांच पूरी की जाए।

जांच अधिकारी को साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट, तथ्यात्मक और निष्पक्ष जांच आख्या एक माह के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

निलंबन अवधि के दौरान प्रधानाध्यापिका कल्पना वर्मा प्राथमिक विद्यालय नदवा, विकासखंड-महमूदाबाद में अपनी दैनिक उपस्थिति दर्ज कराएंगी। अब मामले की आगे की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

बच्चों के हाथ में परोसा गया खाना

उधर राज्य के बलिया जिले के एक सरकारी स्कूल के कार्यवाहक प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया है और एक कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले इंस्ट्रक्टर की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई एक वीडियो सामने आने के बाद की गई, जिसमें छात्रों को प्लेट के बजाय सीधे उनके हाथों में रोटी और सब्जी परोसी जा रही थी। अधिकारियों ने बुधवार को मीडिया को बताया।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि यह वीडियो 31 जुलाई को सोशल मीडिया पर सामने आया था और बताया जा रहा है कि यह सियार शिक्षा ब्लॉक के तहत आने वाले पालिया गांव के कम्पोजिट स्कूल का है।

शुरुआती जांच में पाया गया कि स्कूल में तैनात शिक्षक और अन्य कर्मचारी अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियां निभाने में नाकाम रहे।

सिंह के अनुसार, जांच में पता चला कि यह घटना 20 अप्रैल को हुई थी। साथ ही यह भी पता चला कि यह वीडियो कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाली इंस्ट्रक्टर निर्मला भारती के मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया गया था, जिसका मकसद कथित तौर पर स्कूल की कार्यवाहक प्रिंसिपल किरण देवी को ब्लैकमेल करना था।

सिंह ने बताया कि जांच के नतीजों के आधार पर देवी को मंगलवार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। उन पर घोर लापरवाही, प्रभावी नेतृत्व की कमी और घटना की जानकारी सीनियर विभागीय अधिकारियों को न देने के आरोप हैं।

इस मामले में विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं और नवानगर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें 15 दिनों के भीतर तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।

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