देश की सेना के नाम पर राजनीतिकरण थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीजेपी के एक के बाद एक नेता सेना के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। ताजा मामला दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी का है जो सेना की वर्दी ही पहनकर चुनावी रैली में पहुंच गए। सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है।

मनोज तिवारी ने सेना की वर्दी पहनकर शनिवार को दिल्ली के यमुना विहार इलाके में बीजेपी की बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। लोकसभा चुनाव नजदीक है, चुनाव के मद्देनजर बीजेपी देश भर में बाइक रैली का आयोजन कर रही है।
मनोज तिवारी ने सेना की वर्दी पहनकर भारतीय दंड संहिता के सेक्शन 171 का उल्लंघन किया है। 2016 में हुए पठानकोट हमले के बाद सेना ने चेतावनी दी थी कि कोई भी नागरिक सेना की वर्दी पहना तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सेक्शन 171 के तहत दोषी पाए जाने पर मनोज तिवारी को तीन महीने की जेल या फिर दो सौ रुपये का जर्माना लगाया जा सकता है।
बीजेपी की बाइक रैली में मनोज तिवारी द्वारा सेना की वर्दी पहनने पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है। विपक्ष ने इसकी कड़ी निंदा की है। विपक्ष ने कहा है कि सेना के नाम पर राजनीति करना शर्मनाक है।
कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने ट्वीट कर लिखा, “मनोज तिवारी की यह हरकत शर्मनाक है। एक सैनिक वर्दी की गरिमा और सम्मान को बनाए रखने के लिए अपने जीवन का बलिदान करता है। और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी इसे तमाशा में बदलकर स्टंट और सस्ती राजनीति का सहारा ले रहा है।”

मनोज तिवारी ने सेना की वर्दी पहनकर शनिवार को दिल्ली के यमुना विहार इलाके में बीजेपी की बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। लोकसभा चुनाव नजदीक है, चुनाव के मद्देनजर बीजेपी देश भर में बाइक रैली का आयोजन कर रही है।
मनोज तिवारी ने सेना की वर्दी पहनकर भारतीय दंड संहिता के सेक्शन 171 का उल्लंघन किया है। 2016 में हुए पठानकोट हमले के बाद सेना ने चेतावनी दी थी कि कोई भी नागरिक सेना की वर्दी पहना तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सेक्शन 171 के तहत दोषी पाए जाने पर मनोज तिवारी को तीन महीने की जेल या फिर दो सौ रुपये का जर्माना लगाया जा सकता है।
बीजेपी की बाइक रैली में मनोज तिवारी द्वारा सेना की वर्दी पहनने पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है। विपक्ष ने इसकी कड़ी निंदा की है। विपक्ष ने कहा है कि सेना के नाम पर राजनीति करना शर्मनाक है।
कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने ट्वीट कर लिखा, “मनोज तिवारी की यह हरकत शर्मनाक है। एक सैनिक वर्दी की गरिमा और सम्मान को बनाए रखने के लिए अपने जीवन का बलिदान करता है। और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी इसे तमाशा में बदलकर स्टंट और सस्ती राजनीति का सहारा ले रहा है।”