रेतमाफिया के स्वर्ग कहे जाने वाले मध्यप्रदेश में राजनेताओं के संरक्षण में माफिया के हौंसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यहां तक कि इन लोगों ने बड़वानी में नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं पर भी पथराव किया।

Image Courtesy: Bhaskar
पूरे प्रदेश में स्थिति ये है कि एनजीटी और हाईकोर्ट की रोक के बावजूद रेत खनन भी हो रहा है और उसकी ढुलाई भी।
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने भी शिवराज सरकार पर रेत माफिया को खुला संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि दिखावटी नर्मदा यात्रा निकालें या पौधारोपण का अभियान चलाएं, लेकिन नर्मदा उत्खनन को वो नहीं रोक पा रहे हैं, जबकि इसको लेकर कई जानलेवा हमले हो चुके हैं।
ताजा घटना के बारे में दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक मंगलवार को अवैध रेत खनन की सूचना मिलने पर नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता राजघाट रोड पहुंचे जहां रेत माफिया के गुंडों ने इन पर पथराव कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद जब पुलिस को सूचना दी गई तो कार्यकर्ताओं को थाने लाया गया और उनकी शिकायत पर 5 गुंडों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
ये वारदात बड़वानी फिल्टर प्लांट के पास की है। नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भीलखेड़ा, कल्याणपुरा और बड़वानी के रेत माफिया ने उन पर हमला किया।
नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता खनिज विभाग के कार्यालय भी गए और खनिज अधिकारी से नामजद आरोपियों पर विभाग की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की, लेकिन अधिकारी ने बताया कि रेत खदान अब जिला पंचायत के अधीन हो चुकी है।

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पूरे प्रदेश में स्थिति ये है कि एनजीटी और हाईकोर्ट की रोक के बावजूद रेत खनन भी हो रहा है और उसकी ढुलाई भी।
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने भी शिवराज सरकार पर रेत माफिया को खुला संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि दिखावटी नर्मदा यात्रा निकालें या पौधारोपण का अभियान चलाएं, लेकिन नर्मदा उत्खनन को वो नहीं रोक पा रहे हैं, जबकि इसको लेकर कई जानलेवा हमले हो चुके हैं।
ताजा घटना के बारे में दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक मंगलवार को अवैध रेत खनन की सूचना मिलने पर नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता राजघाट रोड पहुंचे जहां रेत माफिया के गुंडों ने इन पर पथराव कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद जब पुलिस को सूचना दी गई तो कार्यकर्ताओं को थाने लाया गया और उनकी शिकायत पर 5 गुंडों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
ये वारदात बड़वानी फिल्टर प्लांट के पास की है। नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भीलखेड़ा, कल्याणपुरा और बड़वानी के रेत माफिया ने उन पर हमला किया।
नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता खनिज विभाग के कार्यालय भी गए और खनिज अधिकारी से नामजद आरोपियों पर विभाग की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की, लेकिन अधिकारी ने बताया कि रेत खदान अब जिला पंचायत के अधीन हो चुकी है।