हक़ और आजादी
August 23, 2016
हैदराबाद केंद्रीय विवि के शोध-छात्र रोहित वेमुला की डायरी पढ़ते हुए ये अहसास तेज़तर होता चला जाता है कि इस बेहतरीन ज़हीन सूझबूझ और वैज्ञानिक नज़रिये के लड़के को अगर ब्राह्मणवादी ग़लीज़ व्यवस्था के नुमाइंदों ने आत्महत्या की ओर न धकेला होता तो ये हम सबके बीच मुस्कुरा रहा होता और दुनिया भर के उत्पीड़ित समुदाय की तक़लीफ़ों को शब्द दे रहा होता, इन तकलीफ़ों के सामाजिक राजनीतिक आयाम का सैद्धांतिकीकरण कर रहा...
August 19, 2016
Written by Kishore
इस सप्ताह स्वंत्रता दिवस की बहुत सी मुबारकबाद मिली.
वो उम्रदराज़ लोग जिन्होंने आज़ादी से पहले का वक्त देखा है उन्होंने समझाया कि आज़ादी में सांस लेने के मायने क्या है? आज़ाद मुल्क में आँख खोलने वाली ये नस्ल क्या गुलाम मुल्क की ग़ुलाम आवाम का दर्द समझ पाएगी? इन्ही सब सवालों से मुखातिब होते हुए स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं के बहुत से मुख्तलिफ संदेश मिले....
August 19, 2016
It’s been a year since Prof. M.M.Kalburgi was brutally murdered for his liberal views, in Dharwad. Now, while Dr. Dabholkar (Pune) and Dr. Pansare (both killed for the same reason) have some organisational support, Prof. Kalburgi’s memory stands alone. Hence, the need for all liberal, progressive Indians to come together as a mark of solidarity and an affirmation that such acts...
August 17, 2016
मैं एक शहरी, उत्तर भारतीय, सवर्ण, हिन्दू, मध्यम वर्ग, का पुरुष, हूँ
आज मैं आप सब के सामने अपने दिमाग की एक एक परत प्याज के छिलके की तरह खोल कर दिखाऊंगा
हमारे परिवारों में सब कुछ बहुत ही स्थायी और निश्चित होता है
हमारा धर्म संस्कृति परम्पराएँ सब बिलकुल निश्चित होती हैं
हमारे घरों में कोई भी धर्म या परम्पराओं पर कोई सवाल नहीं उठाता
हमारा धर्म रीति रिवाज़ सब कुछ सबसे अच्छा और...
August 16, 2016
जाति और दलितों पर संघ परिवार और उसके समर्थकों के नजरिये को समझने कि लिए इस हिंदूवादी कट्टरपंथी संगठन के शीर्ष पुरुष गुरु गोलवलकर के बंच ऑफ थॉट्स (हिंदी में विचार गुच्छ) को पढ़ना बेहद जरूरी है।
बीजेपी और संघ को राह दिखाने वाली विचारधारा की इतिहास में पड़ताल की जाए तो इस पर ब्राह्मणवादी वर्चस्व का असर साफ दिख जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में जैसे ही...
August 16, 2016
आधुनिक विश्व की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी यानी भारत विभाजन के दो साल पूरे हो चुके थे। दिल्ली में नफरत की आग अब लगभग ठंडी पड़ चुकी थी। उधर भगत सिंह का शहर लाहौर बाकी रंगों के मिटाये जाने और सिर से पांव तक हरे रंग में रंगे जाने के बाद एकदम बदरंग हो चुका था। ऐसे में लाहौर में रहने वाले एक नौजवान ने मजहबी कट्टरता वाली जहरीली हवा में सांस लेने से इनकार कर दिया। वह पहले दिल्ली आया फिर वहां से उसने...
August 13, 2016
Photo Courtesy: thealternative.in
In Solidarity with the Massive Una Dalit Upsurge!
On Independence Day Join
DIGNITY MARCH
Beginning at Ganga Dhaba, JNU, at 3.00pm,
Culminating in
AZAADI SANKALP SABHA
at Kusumpur Pahari, 5 pm
This is the culminating event of the Safai Shramik Vikas Morcha’s Sankalp Karvan. At the Azaadi Sankalp Sabha...
August 13, 2016
Dalit Bahujan Musings
स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं!
HAPPY INDEPENDENCE DAY
गौ आंदोलन का अगला पड़ाव – पंजाब
पंजाब के गोपालकों और किसानों ने विधायक साहेब के दफ्तर में बूढ़ी गायों को शांतिपूर्ण तरीके से बांध दिया और कहा - संभालो!
न खरीदकर गाय ला सकते, न बेचने के लिए ले जा सकते हैं. सरकारी कर्मचारी रोकते हैं. NOC और रिश्वत मांगते हैं...रास्ते में गोरक्षकों का आतंक अलग....
August 13, 2016
संसद से 500 मीटर की दूरी से मुसलमानों ने एक आवाज लगाई है. मावलंकर हॉल में एक सम्मेलन में तमाम प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने मांग की है कि सरकार बीफ एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगाए. बीफ के नाम पर पता नहीं क्या विदेश भेज रहे हैं और बदनाम मुसलमान और दलित हो रहे हैं. तमाम बूचड़खाने और बीफ की सभी टॉप कंपनियां सवर्ण हिंदुओं की है. कंपनी का नाम अल कबीर रख लेंगे और मालिक कोई सब्बरवाल जी होंगे. तमिल ब्राह्मण...
August 12, 2016
इरोम हम जैसा होना चाहती है ?
Image: Times of India
कुछ कुछ तस्वीरें ताउम्र आप के मनमस्तिष्क पर अंकित हो जाती हैं।
चंद रोज पहले टीवी के पर्दे पर नज़र आयी और बाद में प्रिन्ट मीडिया में भी छायी उस तस्वीर के बारे में यह बात दावे के साथ कही जा सकती है। इस फोटोग्राफ में इरोम शर्मिला – जो आज़ाद भारत के सबसे खतरनाक दमनकारी कानून सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (Armed Forces Special...