धार्मिक कट्टरपन
January 15, 2016
क्रिकेट मेरी रगों में है। भारत मैच के दौरान मुझे बचपन में बड़ा टेंशन होता था। अगर वनडे मैच आखिरी ओवर तक खिंच जाए तो मैं बेचैन होकर टहलने लगता था। नाखून चबाता था और क्रिकेट को लेकर इस पागलपन की वजह से अक्सर परिवार वालों की डांट भी खाता था। लेकिन मेरा लंगोटिया यार मुझसे चार कदम आगे था। जब तक मैच चलता वह जावेद मियांदाद और सलीम मलिक के करीबी रिश्तेदारों को पंचम स्वर में बारी-बारी से याद...
January 12, 2016
Founder of the Mazdoor Kisan Shakthi Sanghatan (MKSS), Rajasthan, a Magsaysay awardee and a Campaigner for the Right to Information Act and India’s Rural Works Programme, Aruna Roy speaks to Communalism Combat’s Teesta Setalvad in this exclusive interview
Aruna Roy (HINDI) on People's Movements, Attack on Labour and Land Acquisition Laws - Part 1
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January 9, 2016
मुसलमानों को सोचना चाहिए और शिद्दत से सोचना चाहिए कि सुधारवादी और प्रगतिशील क़दमों का हमेशा उनके यहाँ विरोध क्यों होता है? तीन तलाक़ जैसी बुराई को आज तक क्यों ख़त्म नहीं किया जा सका? वे शिक्षा में इतने पिछड़े क्यों हैं? धर्म के नाम पर ज़रा-ज़रा सी बातों पर उन्हें क्यों भड़का लिया जाता है? कहीं लड़कियों के फ़ुटबाल खेलने के ख़िलाफ़ फ़तवा क्यों जारी हो जाता है?
Image Courtesy: via YouTube.com...
January 7, 2016
Concerned by the divisive forces of communalism, and its influence on children, the Centre for Science, Culture and Education conducted a workshop to examine ways of dealing with the situation. This collection of short stories focusing on communal harmony is an offshoot of this workshop. It is the first in a series on affirmative themes. Contributors: Zai Whitaker, Poile Sengupta, Shama Futehally...
January 5, 2016
केरल के कन्नूर जिले के तालिपाराम्बा में आर. रफीक का स्टूडियो जला दिया गया. वे एक वीडियोग्राफर हैं. स्टूडियो पर हमले की यह वारदात रफीक के मुताबिक़ सार्वजनिक स्थलों पर बुर्के के दुरुपयोग को लेकर एक सीमित व्हाट्स एप समूह (इस्लाम क्या है?) के भीतर उनकी एक टिप्पणी के बाद हुई. उन्होंने कहा था कि पिछले दिनों ऐसी कई घटनाओं की रिपोर्ट आई है कि बुर्काधारी औरतें शादियों और गहनों की दुकानों में चोरियां कर...
January 2, 2016
Image courtesy: Frontline
2002 के गुजरात जनसंहार की जाँच के दौरान ही हमें और बाकी देशको पता चला था कि किस तरह गुजरात को हिंदुत्व की प्रयोगशाला बना कर, सांप्रदायिक राजनीति करने वाली ताक़तों ने हिंदू-मुसलमानों के बीच पीढि़यों से बने कारोबार, मोहल्ले-पड़ोस, रोज़मर्रा के परस्पर सौहार्द्रपूर्ण संबंधों को खत्म किया। यही नहींहिंदू जाति-व्यवस्था के पीड़ित दलित और हिंदू सामाजिक व्यवस्था के दायरे के...