हेट स्पीच

March 6, 2016
इक्कीस महीनों से इक्कीसवीं सदी के इस महाभारत का चक्रव्यूह रचा जा रहा था. अब जा कर युद्ध का बिगुल बजा. लेकिन चक्रव्यूह में इस बार अभिमन्यु नहीं, कन्हैया है. तब दरवाज़े सात थे, इस बार कितने हैं, कोई नहीं जानता! लेकिन युद्ध तो है, और युद्ध शुरू भी हो चुका है. यह घोषणा तो ख़ुद संघ की तरफ़ से कर दी गयी है. संघ के सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी का साफ़-साफ़ कहना है कि देश में आज सुर और असुर की लड़ाई है...
March 1, 2016
दिल्ली में जेएनयू के मामले पर और हरियाणा में आरक्षण के मुद्दे पर जो कुछ हुआ, उसके संकेत एक बड़ी चेतावनी हैं. हरियाणा में चुन-चुन कर जैसे ग़ैर-जाटों को निशाना बनाया गया, वह भयानक था. देश भीतर-भीतर कितना बँट चुका है, कैसी नफ़रतें पसर चुकी हैं? देश को इस भीड़तंत्र में बदल देने का जुआ बहुत ख़तरनाक साबित हो सकता है. बात गम्भीर है. ख़ुद प्रधानमंत्री ने कही है, तो यक़ीनन गम्भीर ही होगी! पर इससे...
February 29, 2016
  Continuing their efforts to seek the release of Jawaharlal Nehru University Students’ Union (JNUSU) president Kanhaiya Kumar, arrested on charges of sedition, some students and teachers of JNU have launched a ‘Stand with JNU’ campaign on social media. The campaign has its own Facebook page and Twitter handle. As part of the campaign, a group of teachers will...
February 24, 2016
डॉ. अनिल दीक्षित भाषा, किसी भी संस्कृति का अहम चिह्न है और इस लिहाज से वैसे भी संघ और उसके हिंदुत्व के समर्थकों की भाषा, लगातार उनकी संस्कृति की पहचान रही है। पिछले 30 सालों में आरएसएस या विहिप से जुड़े कट्टरपंथी-विक्षिप्त लोग, लगातार मीडिया में अपने सम्पर्कों के दम पर नौकरियां जुगाड़ते आए हैं और आज ऊंचे पदों पर हैं। यह सायास ही नहीं है कि तमाम मीडिया, इस वक्त हिंदू कट्टरपंथ और अंधराष्ट्रवाद...
February 23, 2016
मैं यह आलेख रवीश कुमार और उनके अद्भुत प्राइम टाइम शो के लिए लिख रहा था, लेकिन रवीश से माफी मांगते हुए, ये वादा कर रहा हूं कि उनके ऊपर (अच्छा-बुरा-अनुभव-यादें सब) लिखा गया लेख भी जल्दी ही सामने होगा, फिलहाल आज तक-इंडिया टुडे द्वारा किए गए दिल्ली के तीन आतंकियों के स्टिंग ऑपरेशन पर लिखना ज़्यादा ज़रूरी हो चला है। जिन आतंकियों के बारे में यह स्टिंग ऑपरेशन और मेरा लेख बात करेगा, वे दिल्ली की अलग-अलग...
February 18, 2016
Image: indianexpress.com   हम हिन्दी के लेखक देश के प्रमुख विश्वविद्यालय जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 9 फरवरी को हुई घटना के बाद से जारी पुलिसिया दमन पर गहरा क्षोभ प्रकट करते हैं। दुनिया भर के विश्वविद्यालय खुले डेमोक्रेटिक स्पेस रहे हैं जहाँ राष्ट्रीय सीमाओं के पार सहमतियाँ और असहमतियाँ खुल कर रखी जाती रही हैं और बहसें होती रही हैं। यहाँ हम औपनिवेशिक शासन के दिनों में ब्रिटिश...