हेट स्पीच
June 9, 2016
भाजपा के 'कांग्रेस-मुक्त भारत' के नारे का विस्तार इतनी जल्दी 'मुसलमान-मुक्त भारत' में हो जाएगा, इसकी उम्मीद नहीं थी। लेकिन जिस दौर में दादरी में गाय के मांस के हवाले से भीड़ के हाथों मोहम्मद अख़लाक की हत्या कर दिए जाने को सही ठहराने के आशय के बयान बाकायदा सांसद और मंत्री के हैसियत से संजीव बालियान या फिर सांसद योगी आदित्यनाथ जैसे लोग दे रहे हों तो अब पर हैरानी नहीं होनी...
May 31, 2016
फौजी रहे और फिलहाल देश के विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह की नजर में सबसे त्रासद और कई बार देश के सामने असुविधाजनक हालत खड़ी करने वाली घटनाएं भी 'मामूली' होती हैं। इसलिए जब दिल्ली में अफ्रीकी नागरिकों पर हमले के मामले पर व्यापक पैमाने पर चिंता जताई जा रही है, तो उन्होंने अपने विचार प्रकट किए कि ये हमले 'मामूली झड़प' थे और इसे महज मीडिया 'बढ़ा-चढ़ा कर' पेश कर रहा है। वीके...
May 26, 2016
'गुजरात फाइल्सः एनाटोमी ऑफ अ कवर अप' नामक किताब गुजरात में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्रित्व काल में लीपापोती को दर्ज करने वाला एक जीवंत और रोचक संस्मरण है। 'तहलका' के पत्रकार रहे राना अयूब ने अमेरिका में जन्मी एक फिल्म निर्देशक 'मैथिली त्यागी' के रूप में वरिष्ठ पुलिस अफसरों समेत महत्त्वपूर्ण हस्तियों का इंटरव्यू लिया।
राना को इसके लिए धमकियों और अवसाद का सामना करना...
May 25, 2016
Image Credits: maeeshat.in
सन 1671 में महान अहोम साम्राज्य के लाचित बोड़फुकन ने मुगलों को हराया था। तब उस लड़ाई में उनके मातहत कमांडर थे इस्माइल आका बाग हजारिका और मुगलों की सेना का नेतृत्व जेनरल राम सिंह कर रहे थे। वह युद्ध सरायघाट में लड़ा गया। तब से अब यानी 2016 में असम विधानसभा के चुनाव तक कभी भी सरायघाट की उस जंग को हिंदुओं और मुसलमानों की लड़ाई के तौर पर नहीं देखा गया था। लेकिन...
May 25, 2016
हाल ही में बर्बर बलात्कार और हत्या की शिकार लॉ स्टूडेंट जीशा से जुड़ी खबरों से देश हिल उठा था। यह घटना निर्भया के साथ हुए अपराध से कितना अलग था? इसने एक बार फिर देश की लाचारगी और शर्म की याद दिला दी। केरल के पेरुंबवूर में तीस साल की दलित युवती जीशा का बर्बर तरीके से बलात्कार किया गया और फिर हत्या कर दी गई। सवाल है कि देश अभी और कितनी जीशा और निर्भयाओं का गवाह बनेगा?
क्या हम भारतीय...
May 24, 2016
'Gujarat Files -Anatomy of a Cover up' .
A book which has seen the worst kind of censorship by publications and is set to see the light of the day next week . It has been self published by the author and will be available for sale May 26 onwards.
Book launch on the May 27, Foreword of the book has been written by the eminent jurist Justice B.N.Srikrishna
May 24, 2016
एनसीडीएचआर यानी नेशनल कैंपेन फॉर दलित ह्यूमन राइट्स की संयोजक और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की प्रोफेसर रहीं विमल थोराट से जब तीस्ता सीतलवाड़ ने बातचीत की तो कई ऐसे सवाल भी उभरे, जिन्हें अब तक अनदेखा करके दफन करके कोशिश की जाती रही है। यह इंटरव्यू कम्युनल कॉम्बैट, न्यूजक्लिक और हिल्लेले टीवी के सौजन्य से। इस बातचीत के मुख्य बिंदुः
♦ भेदभाव के...
April 17, 2016
क्या फ़ेसबुक नफ़रत फैलाने वालों के दबाव और इशारे पर काम करता है? क्या लाइक और शिकायत के गणित के ज़रिये तय होगा कि समाज के हित में क्या है और क्या नहीं ? यह सवाल उठ रहा है दिल्ली विशवविद्यालय के अध्यापक और हिंदी के मार्क्सवादी आलोचक आशुतोष कुमार के साथ हुए सुलूक से। फ़ेसबुक ने उन्हें 24 घंटे के लिए ब्लॉाक किया और हमेशा के लिए ब्लॉक करने की धमकी दी। उनकी ग़लती यह थी कि उन्होंने...