शिक्षा
March 27, 2018
हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के रोहित वेमुला और आईआईटी कानपुर के डॉक्टर सुब्रह्मण्यम सदेरला दोनों में कई समानताएं और एक फर्क है. दोनों अपने विषय के अच्छे विद्वान माने गए. दोनों आंध्र प्रदेश के बेहद गरीब परिवार से आए और शिक्षा के शिखर पर पहुंचे. एक पीएचडी कर रहा था, दूसरे ने पीएचडी पूरी कर ली है. दोनों के बड़े सपने थे. ये तो हुई समानता की बात. दोनों में फर्क यह है कि जाति उत्पीड़न के भीषण दौर के...
March 25, 2018
नई दिल्ली. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (एनसीईआरटी) ने 12वीं कक्षा की एक किताब में जहां पहले 2002 के गुजरात दंगे को ‘एंटी-मुस्लिम’ यानी मुस्लिम विरोधी दंगा कहा गया था, उसे बदलकर अब केवल ‘गुजरात दंगा’ कर दिया गया है.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार पॉलिटिकल साइंस के ‘रीसेंट डेवलपमेंट्स इन इंडियन पॉलिटिक्स’ नाम के पाठ में दंगों से...
March 25, 2018
आज के दौर में जिस तरह से मोदी सरकार छात्रों की अभिव्यक्ति पर आजादी लगाने की कोशिश कर रही है और देशद्रोही के सर्टिफिकेट बांटे जा रहे हैं उनपर पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने निशाना साधा है. रघुराम राजन ने कहा कि समाज के तौर पर ऐसे सुरक्षित स्थानों का निर्माण करना होगा, जहां बहस और चर्चाएं होती हैं, लोग अपनी स्वतंत्रता का प्रयोग कर रहे हों, बोलने के लिए किसी लाइसेंस की ज़रूरत न हो.
शिकागो...
March 24, 2018
जेएनयू में आरक्षण को खत्म करने, 100% वायवा, छात्रों पर हजारों की फाइन लागू करने, कंपल्शरी अटेडेंस, अलोकतांत्रिक तरीके से यूजीसी गजट लागू करने के खिलाफ शुक्रवार को पार्लियामेंट मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने बड़ी बर्बरता से कई छात्रों पर लाठी चार्ज किया. वाटर कैनन से चोट लगने पर कई छात्र बेहोश हो गए.
कई मांगों के साथ 'सेव जेएनयू मार्च' कर रहे जेएनयू छात्रों और टीचर्स असोसिएशन...
March 22, 2018
'साइंस एंड टेक्नोलॉजी' मंत्री ने कहा- E= mc^2 सूत्र वेदों में पहले से उपलब्ध है।
उनके इस बयान से बड़ा हंगामा मचा। लोगों ने खूब खिल्लियां उड़ाई। कितने लोगों को आश्चर्य हुआ कि विज्ञान और तकनीकी मंत्री ऐसा कैसे कह सकता है ! पर मुझे आश्चर्य नहीं हुआ। उनके इस बयान से दो बातें समझ मे आती हैं- या तो वे थोड़ा प्रकाश में आना चाहते होंगे या फिर सरकारी आदमी हैं, मुख्य मुद्दों से ध्यान...
March 21, 2018
वो स्वयं एक लम्बी कविता थे. इक खूबसूरत तस्वीर थे. एक सुंदर कहानी थे. एक बेहतरीन शिक्षक थे. एक उम्दा इंसान थे. एक सजग नागरिक थे. एक मुकम्मल व्यक्ति थे।
उनकी एक कविता है जो उन्होंने अपने निधन से 31 बरस पहले , 1978 में लिखी थी. उन्होंने इसका शीर्षक रखा था - मुक्ति. उन्होंने स्वयं की शारिरिक मुक्ति के पहले लिखी इस कविता में लगभग वो सारी बातें कह दीं जो उनके मरने के बाद भी नहीं मर पाएंगी ,...
March 20, 2018
नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शैक्षणिक संस्थानों में भी घुसपैठ कर रहा है. अभी तक आरएसएस की शह पर पाठ्यक्रम के बदलाव की बात की जा रही थी लेकिन अब बड़े मीडिया संस्थान में संघ के आदेश पर नियुक्ति होने जा रही है. दरअसल माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में जगदीश उपासने को कुलपति बनाया जा रहा है.
जगदीश उपासने पांचजन्य व ऑर्गनाइजर के समूह संपादक रहे हैं जो कि...
March 19, 2018
नई दिल्ली. कई लोग जिंदगी में आने वाले परेशानियों को झेलते रहते हैं, जबकि कई लोग अपनी परेशानियों से कुछ सीख लेते हैं और अन्य लोगों को उस दिक्कत से बचाते हैं. उन लोगों में असम के रहने वाले अहमद अली का नाम भी शामिल है. अहमद अली खुद पढ़ लिखे नहीं है, लेकिन वो कई सालों से दूसरे बच्चों को शिक्षित करने का काम कर रहे हैं.
अहमद अली खुद रिक्शा चलाते थे और आर्थिक कमजोरी की वजह से वो पढ़ाई नहीं कर पाए...
March 19, 2018
हाल के वर्षों में हुई दो घटनायें उल्लेख के लायक हैं। पहली एक कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा ने मुखौटा लगाकर भीड़ के सामने अपनी कहानी बयान की, जिसमें उसने बताया कि किस तरह से उसे कॉलेज की पढ़ाई के लिए, लिए गए कर्ज को उतारने में देह फरोख्ती का सहारा लेना पड़ा। दूसरी घटना मे लगभग एक लाख विद्यार्थी सड़कों पर उतर आए क्योंकि उन्हें मंजूर नहीं था कि उनके देश की सरकार परा-स्नातक की पढ़ाई के लिए भी ट्यूशन फीस ले।...
March 17, 2018
प्रोफेसर दीपक मलिक, बनारस के गांधियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्टडीज़ के निदेशक रह चुके हैं। तीस्ता सेतलवाड़ के साथ हुई इस दिलचस्प बातचीत में, प्रोफेसर मलिक कई महत्वपूर्ण बातों की ओर हमारा ध्यान खींचते है - ऐसी बातें जो ख़ास तौर पर आज के समय में सुनी जानी चाहिए।
उनके अनुसार हिंदुस्तान की संस्कृति विभिन्न धाराओं का एक संगम है, और ये बहुआयामी, बहुतावादी, मिलीजुली संस्कृति, मध्य-काल के...