संस्कृति

October 12, 2016
Cultural practice does not recognise borders. Militarising it reduces it to a dangerous monolith The masks came off soon after condoling writer Mahasweta Devi’s death. Unmasked, the right-wing pseudo-nationalists were on the prowl for their daily target. They found it in a play staged in the University of Haryana; the play was based on Mahasweta’s story, Draupadi. The ABVP attack was...
October 10, 2016
जब एक कमज़ोर सरकार कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेक दे, तो लोकतंत्र नाम मात्र ही रह जाता है और तानाशाही एवं फासीवाद प्रबल हो जाता है. एम.एफ. हुसेन जिनकी गिनती विश्व विख्यात कलाकारों में की जाती है, उन्हें अपने ही देश से निर्वासित होने पर मजबूर किया गया था. सारा विश्व स्तब्ध था और कथाकथित संविधान के संरक्षक मूकदर्शक बने हुए थे. उनकी मनभावन आत्मकथा में मध्य प्रदेश के इंदौर की सार्वजनिक संस्कृति...
October 10, 2016
Popular cinema and public culture in Bombay Popular cinema in India is a strange social animal. Hailed as the primary popular culture in the country, it is also considered the filmi villain that has killed several pre-cinema cultural practices, most of which were community based. It is assumed that reproducibility has multiplied the outreach of cinema to such an extent that by the mid-20th...
October 10, 2016
केंद्र ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र रोहित वेमुला की मौत पर एक पैनल की रिपोर्ट सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है. आरटीआई के जरिये पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्र ने कहा कि संबंधित फाइल अभी ‘विचारार्थ’ है, इसलिए रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है। मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने ‘पीटीआई’ की ओर से दाखिल एक आरटीआई के जवाब में कहा, ‘...
October 6, 2016
Image Courtesy: Alchetron.com   उड़ी हमले के बाद एलओसी पार भारत के सर्जिकल अटैक से पैदा तनातनी का असर दोनों देशों के कलाकारों पर पड़ा है। भारत में पाकिस्तानी कलाकारों के विरोध के बाद बॉलीवुड में काम करने आए फवाद खान जैसे एक्टर लौट गए हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ पाकिस्तानी कलाकार ही भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में काम करने आते हैं। भारत के भी कई कलाकार पाकिस्तान जाकर वहां की फिल्म इंडस्ट्री...
October 4, 2016
राजस्थान की पुलिस अब दलितों की हेयर स्टाइल भी तय करने लगी है। अगर कोई दलित ज्यादा फैशनेबल हेयर स्टाइल रखे मिलता है तो पुलिस उनका सिर मूंड़ देती है। वसुंधरा राजे की पुलिस लंबी मूँछ और बड़े बाल रखने की इजाजत देने को तैयार नहीं है। दलितों के साथ हो रहे इस अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार की शिकायत अलवर जिले के एसपी से की गई है। बहरोर के दलित कार्यकर्ताओं के संगठन मेघवाल समिति ने  मानधन...
October 3, 2016
कैसा इतिहास-बोध है कि सिंधु घाटी की सभ्यता के बाद वैदिक युग आया? कहाँ सिंधु घाटी की सभ्यता का नगरीय जीवन और कहाँ वैदिक युग का ग्रामीण जीवन! भला कोई सभ्यता नगरीय जीवन से ग्रामीण जीवन की ओर चलती है क्या? सिंधु घाटी के बड़े-बड़े नगरों के आलीशान मकान की जगह कैसे पूरे उत्तरी भारत के वैदिक युग में अचानक नरकूलों की झोंपड़ी उग आई, जिसकी व्याख्या आप सिंधु घाटी में हुए जल-प्लावन, नर-संहार या महामारी को...
October 1, 2016
सुगतकुमारी एक राज्य में जहां पैसा देश में बाहर गए लोगों के जरिये आ रहा है वहां सांस्कृतिक श्रेष्ठता का दावा अपने आप में विरोधाभासी है। मशहूर मलयाली लेखिका सुगतकुमारी ने 24 सितंबर को लोकप्रिय अखबार मातृभूमि के अपने कॉलम में जो कहा* उसने केरल में खलबली पैदा कर दी है। नीचे उन्होंने जो कहा, उसका सरल अनुवाद है -   `केरल अपने दौर के सबसे मुश्किल समस्या से मुखातिब है। दक्षिण के इस छोटे...
September 22, 2016
Greetings From Dwarka Collective!!!   DWARKA COLLECTIVE invites you to Dwarka Baat Cheet on Sunday, 25th September 2016 (3-5 PM) at Maxfort School, Sector 7, Dwarka, New Delhi   -: An Evening with Hindustani Raagas and Melodies :- Presented by Ritesh Kumar Pathak & Ms Shelly Pathak   Ritesh and Shelly are postgraduates in Hindustani Classical from Viswa Bahrathi...
September 19, 2016
अनेक लोग ऐसा मानते हैं कि आदर्श या यूटोपियन समाज एक असंभव चीज है, लेकिन वास्तव में प्राचीन काल में अनेक समूह ऐसे रहे हैं जहाँ न किसी तरह का विवाद होता था और न ही कोई राजा या प्रजा जैसी बात होती थी। यहाँ तक कि ईसा पूर्व 2600 से ईसापूर्व 1900 के बीच फली-फूली सिंधु घाटी सभ्यता में भी हथियार, युद्ध या असमानता के कोई निशान नहीं मिलते।   द इंडस: लॉस्ट सिविलाइज़ेशंस के लेखक एंड्र्यू रॉबिंसन...