संस्कृति
September 5, 2021
‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाने से पहले कुछ खास बातों को जरूर जान लेना चाहिए। एक यह कि भारत पांच हजार साल पुरानी सभ्यता है। दूसरा कि यह कोई पहली विभीषिका नहीं है। महाभारत की विभीषिका हुई। हमारी पुरानी कथाओं के मुताबिक 120 करोड़ लोग इसमें मारे गए। द्रोपदी के कपड़े उतारे गए। सीता का अपहरण हुआ। द्रोणाचार्य ने एकलव्य का अंगूठा कटवाया। गांधी जी की हत्या की गई। दलितों और अल्पसंखयकों के...
August 30, 2021
हसरत मोहानी: कवि और दूरदर्शी
हसरत मोहानी एक सच्चे मनमौजी व्यक्ति थे। 1908 में उन्होंने अपनी उर्दू पत्रिका, उर्दू-ए-मुल्ला (परिसंचरण 500) में एक गुमनाम लेख प्रकाशित किया, जिसमें शिक्षा के संबंध में मिस्र में ब्रिटिश औपनिवेशिक नीति की कड़ी आलोचना की गई थी। भारत में अधिकारियों ने तुरंत उन पर "देशद्रोह" का आरोप लगाया। लेखक के नाम का खुलासा करने से इनकार करते हुए, उन्होंने लेख की पूरी...
July 22, 2021
खेती-किसानी का हमेशा से प्रकृति से एक घनिष्ठ संबंध रहा है तो लोकगीतों का आदिवासी संस्कृति और परंपरा में अपना अलग महत्व हैं। सामाजिक सांस्कृतिक वातावरण से घनिष्ठ जुड़ाव लोकगीतों की एक प्रमुख विशेषता रही है। यह जुड़ाव ही है जो श्रोताओं के मस्तिष्क पटल पर गहराई से छाप छोड़ता है और जिसमें श्रोतागण अपने सुख-दुःख के अनुभव की गाथा को टटोलने का प्रयास करते हैं। प्रायः अन्नदाता वर्ग की मनःस्थिति कृषिगत...
July 21, 2021
हरिदास ने अपने परिवार और अपने घर की अधिकतर ज़िम्मेदारी पूरी कर ली थी.
zamzam well
उसकी माँ शान्ति-देवी की इच्छा थी कि वो एक दिन महातीर्थ करें.
इसलिए हरिदास निकल पड़ा अपनी माँ को लेकर.
उस पावन नगरी में प्रवेश से पूर्व, मन एवं तन की शुद्धि के लिए पवित्र कुएं के पानी से स्नान करना आवश्यक है.
उसके बाद बिना सिली हुई धोती और श्वेत सूती कपड़े का, बिना सिला हुआ अंगरखा/गमछा हरिदास ने पहना...
June 29, 2021
उर्दू मुख्यतः अशराफ मुस्लिमों की भाषा रही है। जिसे वो अपने राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि के लिए पूरे मुसलमानो की भाषा बना कर प्रस्तुत करता है, जबकि पसमांदा की भाषा क्षेत्र विशेष की भाषाएं, अपभ्रंश भाषाएं एवं बोलियाँ रही हैं। अशराफ अपनी इस नीति में कामयाब भी रहा है और आज भी पसमांदा की एक बड़ी आबादी उर्दू से अनभिज्ञ होने के बाद भी उर्दू को ही अपनी भाषा बताती है, यहाँ तक कि कर्नाटक के कन्नड़ भाषी पसमांदा...
June 23, 2021
जून की भरी दोपहर में बाजार में लोग कम थे। चाय की दुकान जिसपर मैं बैठा अखबार को पलट रहा था वहां मेरे और चाय वाले के अलावा दो और व्यक्ति बैठे थे जो आपस मे बातें किये जा रहे थे। एक युवा लड़का भी था जो सचिन पायलट सा दिखता था। वह ठीक मेरी बगल में बेंच पर बैठा था। मैंने अखबार पलटे तो उसमें सरकार के विज्ञापन, गुणगान के अलावा खबरें भी थीं। एक मिनट में ही अखबार पलटकर मैं फ्री हो गया। बगल में बैठे सचिन...
April 16, 2021
कुंभ के कोरोना हॉट स्पॉट में बदलने से मचे हाहाकार के बीच 'आस्था' की आड़ में सरकारी दावों व कुतर्कों से उलट, कोरोना की भयावहता को देख अखाड़ों ने खुद ही, कुंभ से अलग होना शुरू कर दिया है। कुंभ मेले के बीच कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए निरंजनी अखाड़े ने 15 दिन पहले ही ऐलान कर दिया है कि उनके लिए महाकुंभ खत्म हो चुका है। खास है कि निरंजनी अखाड़ा, जूना अखाड़े के बाद दूसरा सबसे बड़ा नागा...
April 14, 2021
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) सर्वेक्षण की अनुमति देने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष एक अर्जेंट पिटीशन दायर की है। यह आदेश वाराणसी कोर्ट ने स्थानीय वकील वीएस रस्तोगी द्वारा दायर एक याचिका के संबंध में पारित किया था, जिन्होंने मांग की थी कि जिस भूमि पर मस्जिद का...
April 12, 2021
बिहार की ऐतिहासिक खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी के एक बड़े हिस्से को ध्वस्त करने के बिहार सरकार की योजना के खिलाफ पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ कुमार दास ने बड़ा फैसला लेते हुए अपना पुलिस पदक राष्ट्रपति को लौटा दिया है।
अमिताभ कुमार दास ने देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लिखे अपने पत्र में कहा है कि, "बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भ्रष्ट ठेकेदारों और टेंडर माफिया के आदेश...
April 6, 2021
पिछले दो तीन दिनों में हमारे प्रदेश में कुछ ऐसी घटनाए घटी हैं जो हमारे देश के धर्म निरपेक्ष चरित्र को कमजोर करने वाली हैं और जो लगभग चुनाव की आचार सहिता का उल्लंघन तो करती ही हैं, साथ ही केारोना के भीषण प्रकोप को देखते हुए खतरनाक भी हैं।
समाचार पत्रों में छपी एक खबर के अनुसार बंगरसिया स्थित केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के कैम्प परिसर में 238वीं वाहिनी का पांचवा स्थापना दिवस मनाया गया।...