सांप्रदायिक संगठन
September 3, 2016
A statement of the results of an inquiry into Hindu
Swayamsevak Sangh (UK)
August 27, 2016
[The interview was partly broadcast on BBC World Service in 2008 and conducted by Suvojit Bagchi]
From the Archives
Large scale violence has witnessed death of more than fifty people in Kashmir recently [2008]. The man who was held partly responsible by the media for the violence is the erstwhile Governor of J & K, General S K Sinha. A highly decorated officer of the Indian...
August 23, 2016
हैदराबाद केंद्रीय विवि के शोध-छात्र रोहित वेमुला की डायरी पढ़ते हुए ये अहसास तेज़तर होता चला जाता है कि इस बेहतरीन ज़हीन सूझबूझ और वैज्ञानिक नज़रिये के लड़के को अगर ब्राह्मणवादी ग़लीज़ व्यवस्था के नुमाइंदों ने आत्महत्या की ओर न धकेला होता तो ये हम सबके बीच मुस्कुरा रहा होता और दुनिया भर के उत्पीड़ित समुदाय की तक़लीफ़ों को शब्द दे रहा होता, इन तकलीफ़ों के सामाजिक राजनीतिक आयाम का सैद्धांतिकीकरण कर रहा...
August 20, 2016
बाबा रामदेव क्या कम थे जो सबसे तेज़ ''आज तक'' भी मैदान में कूद पड़ा ! काफ़ी दिनों से हर समस्या का इलाज गोबर और गोमूत्र बताने का अभियान चल रहा है, लेकिन अब न्यूज़ चैनलों ने भी इसका झंडा बुलंद कर दिया है। गाय इन दिनों उन्हें बहुत लुभा रही है। आये दिन गाय की महिमा कुछ इस तरह बखानी जाती है जैसे गाय धरती पर पैदा नहीं होती, "आन रास्ते" सीधे स्वर्ग...
August 19, 2016
It’s been a year since Prof. M.M.Kalburgi was brutally murdered for his liberal views, in Dharwad. Now, while Dr. Dabholkar (Pune) and Dr. Pansare (both killed for the same reason) have some organisational support, Prof. Kalburgi’s memory stands alone. Hence, the need for all liberal, progressive Indians to come together as a mark of solidarity and an affirmation that such acts...
August 17, 2016
मैं एक शहरी, उत्तर भारतीय, सवर्ण, हिन्दू, मध्यम वर्ग, का पुरुष, हूँ
आज मैं आप सब के सामने अपने दिमाग की एक एक परत प्याज के छिलके की तरह खोल कर दिखाऊंगा
हमारे परिवारों में सब कुछ बहुत ही स्थायी और निश्चित होता है
हमारा धर्म संस्कृति परम्पराएँ सब बिलकुल निश्चित होती हैं
हमारे घरों में कोई भी धर्म या परम्पराओं पर कोई सवाल नहीं उठाता
हमारा धर्म रीति रिवाज़ सब कुछ सबसे अच्छा और...
August 16, 2016
जाति और दलितों पर संघ परिवार और उसके समर्थकों के नजरिये को समझने कि लिए इस हिंदूवादी कट्टरपंथी संगठन के शीर्ष पुरुष गुरु गोलवलकर के बंच ऑफ थॉट्स (हिंदी में विचार गुच्छ) को पढ़ना बेहद जरूरी है।
बीजेपी और संघ को राह दिखाने वाली विचारधारा की इतिहास में पड़ताल की जाए तो इस पर ब्राह्मणवादी वर्चस्व का असर साफ दिख जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में जैसे ही...
August 16, 2016
आधुनिक विश्व की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी यानी भारत विभाजन के दो साल पूरे हो चुके थे। दिल्ली में नफरत की आग अब लगभग ठंडी पड़ चुकी थी। उधर भगत सिंह का शहर लाहौर बाकी रंगों के मिटाये जाने और सिर से पांव तक हरे रंग में रंगे जाने के बाद एकदम बदरंग हो चुका था। ऐसे में लाहौर में रहने वाले एक नौजवान ने मजहबी कट्टरता वाली जहरीली हवा में सांस लेने से इनकार कर दिया। वह पहले दिल्ली आया फिर वहां से उसने...
August 13, 2016
संसद से 500 मीटर की दूरी से मुसलमानों ने एक आवाज लगाई है. मावलंकर हॉल में एक सम्मेलन में तमाम प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने मांग की है कि सरकार बीफ एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगाए. बीफ के नाम पर पता नहीं क्या विदेश भेज रहे हैं और बदनाम मुसलमान और दलित हो रहे हैं. तमाम बूचड़खाने और बीफ की सभी टॉप कंपनियां सवर्ण हिंदुओं की है. कंपनी का नाम अल कबीर रख लेंगे और मालिक कोई सब्बरवाल जी होंगे. तमिल ब्राह्मण...
August 13, 2016
दो-तीन दिन से जारी बेचैनी से निजात पाने के लिए बोलना ज़रूरी था, पर अक़्ल के घोड़े रोके हुए थे। बार-बार कह रहे थे कि पानी में रहकर कब तक मगर से बैर लेते रहोगे ? लेकिन रेडियो मिर्ची पर अभी-अभी सआदत हसन मंटो की कहानी ‘ सन1919 की एक बात’ सुनने के बाद इन घोड़ों की लगाम कसने की ताक़त हासिल हो गई। पुराने दोस्त दारेन शाहिदी की पुरक़शिश आवाज़ में एक जिस्म बेचने वाली औरत के बदन से...