महाराष्ट्र: कर्ज में डूबे किसानों को नहीं मिल रहा प्याज का दाम, दो दिन में दो किसानों ने जान दी

Written by Sabrangindia Staff | Published on: December 11, 2018
मुंबई: महाराष्ट्र के नासिक जिले में कर्ज में डूबे दो किसानों ने प्याज का दाम कम मिलने के चलते आत्महत्या कर ली. पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान तात्याभाउ खैरनर (44) और मनोज धोंडगे (33) के तौर पर हुई है. वे उत्तर महाराष्ट्र के बागलाण तालुका के रहने वाले थे.

नासिक जिले का भारत में प्याज उत्पादन का 50 प्रतिशत हिस्सा है. जिले के किसानों का दावा है कि फसल तो बहुत अच्छी हुई लेकिन उन्हें उसका दाम नहीं मिल पा रहा है। बागलाण तालुका के पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि खैरनार ने भडाणे गांव में अपने प्याज के शेड में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली. उन्होंने कहा कि उनके शव के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला.

अधिकारी ने कहा कि मृतक के रिश्तेदारों ने दावा किया कि वह कम कीमत मिलने की वजह से अपनी 500 क्विंटल प्याज बेच नहीं पा रहे थे. मृतक किसान के परिवार ने बताया कि खैरनार पर 11 लाख रुपये का बकाया कर्ज था.

एक अन्य मामले में 33 वर्षीय मनोज धोंडगे ने जहरीला रसायन पीकर शुक्रवार को कथित रूप से खुदकुशी कर ली. पुलिस ने कहा कि धोंडगे शुक्रवार को अपने खेत में बेहोश मिले और उनके पास जहरीले रसायन की एक बोतल थी. उन्हें मालेगांव के सिविल अस्पताल में ले जाया गया जहां शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई.

पुलिस ने कहा कि धोंडगे के परिवार ने बताया कि उनपर 21 लाख रुपये का बकाया कर्ज था और वह थोक बजार में प्याज की कम कीमत मिलने की वजह से अपनी उपज बेच नहीं पाए. बता दें कि महाराष्ट्र से लगातार ये खबरे आ रही हैं कि प्याज के किसान अपने उत्पाद को कम दाम में बेचने को मजबूर हैं.

हाल ही में येओला तहसील में अंडरसुल के निवासी चंद्रकांत भीकन देशमुख ने प्याज का कम दाम मिलने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को 216 रुपये का मनी ऑर्डर भेजा था. देशमुख ने बताया था कि येओला में पांच दिसंबर को हुई कृषि उत्पादन बाजार समिति (एपीएमसी) की नीलामी में 545 किलोग्राम प्याज की बिक्री के बाद उन्हें यह राशि प्राप्त हुई.

उन्हें जो भाव दिया गया वह प्रति किलोग्राम के लिए 51 पैसे था और एपीएमसी के शुल्कों को काटने के बाद उसे 216 रुपये का भुगतान किया गया और इस संबंध में उन्होंने बिक्री की रसीद भी दिखाई. वहीं नासिक जिले के संजय साठे नाम के किसान को अपने 750 किलो प्याज़ को महज 1.40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचनी पड़ी.  इस बात को लेकर नाराज किसान ने अनूठे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया. उसने प्याज़ बेचने के बाद मिले 1064 रुपये को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया.

इसके अलावा महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के एक किसान ने प्याज की कीमतों में आई जबरदस्त गिरावट और प्याज बेचने के एवज में मिलने वाली मामूली रकम को लेकर विरोध दर्ज कराया है.

बाकी ख़बरें