लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार में केन्द्रीय मंत्री के आवास पर हाल ही में भाजपा के दलित सांसदों की बैठक हुई। बैठक में एनडीए के दलित और आदिवासी सांसदों ने मोदी सरकार के फैसलों पर आपत्ति जताई है। इन सांसदों का कहना है कि कुछ मुद्दों को लेकर उनके समुदाय में चिंताएं और आशंकाएं हैं और इन्हें जल्दी दूर करना जरूरी है। जिस तरह से एससीएसटी एक्ट में बदलाव किये गए हैं उसके बाद दलित आदिवासी नेता सरकार के खासे नाराज दिखाई दिए।

बता दें कि केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के आवास पर एनडीए दलित सांसदों की बैठक हुयी है जिसमे सांसदों ने एससी/एसटी अत्याचार निरोधक कानून और सरकारी नौकरियों में प्रोमोशन में आरक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा की और अपनी नाराजगी भी जताई।
बैठक में एससी/एसटी एक्ट पर फैसला देने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आदर्श कुमार गोयल को एनजीटी अध्यक्ष बनाये जाने पर आपत्ति जताई गई। दलित नेताओं ने गोयल की नियुक्ति पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें एनजीटी अध्यक्ष पद से हटाया जाना चाहिए। जस्टिस गोयल छह जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे और उसके बाद सरकार ने उन्हें एनजीटी अध्यक्ष नियुक्त किया था। एनडीए के सांसदों का कहना है कि जस्टिस गोयल की नियुक्ति से दलितों के बीच अच्छा संदेश नहीं गया। इससे चुनावों में नुकसान हो सकता है।
रामविलास पासवान के बेटे और सांसद चिराग पासवान ने कहा है कि जस्टिस गोयल को एनजीटी अध्यक्ष पद से हटाने के लिए सरकार से अपील करेंगे। चिराग ने बताया कि एससी-एसटी एक्ट के मुद्दे पर कई दलित व आदिवासी संगठनों ने आगामी नौ अगस्त को बड़ा आंदोलन करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा, "एससी-एसटी एक्ट के मुद्दे पर अध्यादेश जारी करना चाहिए ताकि नौ अगस्त का आंदोलन रोका जा सके।"
बता दें कि राम विलास पासवान के घर पर एनडीए के दलित और आदिवासी सांसदों की बैठक में रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान, अर्जुन मेघवाल, रामदास आठवले, विनोद सोनकर (अध्यक्ष, बीजेपी एससी मोर्चा), सावित्री फूले समेत 25 सांसद मौजूद थे। बैठक के बाद रामविलास पासवान ने कहा कि सभी सांसद जल्द ही पीएम से मिलकर या उन्हें एक ज्ञापन देकर अपनी चिन्ताओं से अवगत कराएंगे। पासवान ने न्यायपालिका में दलितों और आदिवासियों के लिए आरक्षण की मांग करते हुए भारतीय न्यायिक सेवा के गठन की मांग की।

बता दें कि केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के आवास पर एनडीए दलित सांसदों की बैठक हुयी है जिसमे सांसदों ने एससी/एसटी अत्याचार निरोधक कानून और सरकारी नौकरियों में प्रोमोशन में आरक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा की और अपनी नाराजगी भी जताई।
बैठक में एससी/एसटी एक्ट पर फैसला देने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आदर्श कुमार गोयल को एनजीटी अध्यक्ष बनाये जाने पर आपत्ति जताई गई। दलित नेताओं ने गोयल की नियुक्ति पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें एनजीटी अध्यक्ष पद से हटाया जाना चाहिए। जस्टिस गोयल छह जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे और उसके बाद सरकार ने उन्हें एनजीटी अध्यक्ष नियुक्त किया था। एनडीए के सांसदों का कहना है कि जस्टिस गोयल की नियुक्ति से दलितों के बीच अच्छा संदेश नहीं गया। इससे चुनावों में नुकसान हो सकता है।
रामविलास पासवान के बेटे और सांसद चिराग पासवान ने कहा है कि जस्टिस गोयल को एनजीटी अध्यक्ष पद से हटाने के लिए सरकार से अपील करेंगे। चिराग ने बताया कि एससी-एसटी एक्ट के मुद्दे पर कई दलित व आदिवासी संगठनों ने आगामी नौ अगस्त को बड़ा आंदोलन करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा, "एससी-एसटी एक्ट के मुद्दे पर अध्यादेश जारी करना चाहिए ताकि नौ अगस्त का आंदोलन रोका जा सके।"
बता दें कि राम विलास पासवान के घर पर एनडीए के दलित और आदिवासी सांसदों की बैठक में रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान, अर्जुन मेघवाल, रामदास आठवले, विनोद सोनकर (अध्यक्ष, बीजेपी एससी मोर्चा), सावित्री फूले समेत 25 सांसद मौजूद थे। बैठक के बाद रामविलास पासवान ने कहा कि सभी सांसद जल्द ही पीएम से मिलकर या उन्हें एक ज्ञापन देकर अपनी चिन्ताओं से अवगत कराएंगे। पासवान ने न्यायपालिका में दलितों और आदिवासियों के लिए आरक्षण की मांग करते हुए भारतीय न्यायिक सेवा के गठन की मांग की।