जलवायु परिवर्तन पर विश्व नेताओं का शिखर सम्मेलन 22 और 23 अप्रैल को होगा। इस बार यह शिखर सम्मेलन वर्चुअल होगा और इसमें दुनिया के 40 शीर्ष नेता शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और उनका भाषण पहले ही सत्र में होगा। जो बाइडेन के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह पहला मौका होगा, जब चीन के राष्ट्रपति के साथ वे एक सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन से जीवन और आजीविका पर होने वाले प्रभावों पर सभी की नजरें टिकी होंगी।

इस जलवायु शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने प्रधानमंत्री मोदी सहित 40 देश के नेताओं को आमंत्रित किया है। गौरतलब है कि अमेरिका के पिछले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश को जलवायु शिखर सम्मेलन से अलग कर लिया था। लेकिन जो बाइडेन के चुनाव जीतने के बाद उनके प्रशासन ने न सिर्फ अमेरिका को इसमें शामिल किया, बल्कि इसे प्रभावी बनाने का संकल्प भी लिया।
बहरहाल, इस बैठक में पहली बार अमेरिका के घोर विरोधी चीन और रूस भी शामिल होंगे। इस बैठक में पाकिस्तान को भी आमंत्रित किया गया है। इनके अलावा दक्षिण एशिया से बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और भूटान के प्रधानमंत्री लोते शेरिंग को भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इसमें जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जापानी पीएम योशिहिदे सुगा, ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू, सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित कई यूरोपीय नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है।
इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में कारोबारी और नागरिक समाज के नेता भी हिस्सा लेंगे। यह बैठक जलवायु परिवर्तन के लिहाज से काफी उपयोगी साबित हो सकती है। इस बैठक में कई बड़े फैसले किए जा सकते हैं। इस समारोह के जरिए अमेरिका जीवाश्म ईंधन से होने वाले जलवायु प्रदूषण को कम करने के लिए अहम कदम उठा सकता है। इसमें जलवायु परिवर्तन से होने वाले प्रभावों से जीवन और आजीविका की रक्षा करने की क्षमता को मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा होगी। जिस पर सभी की नजरें लगी होंगी। उधर, व्हाइट हाउस ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन और COP26 का मुख्य लक्ष्य ग्रीन हाउस गैसेज के उत्सर्जन कम कर, वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने के प्रयासों को गति देना है।
दूसरी ओर, दुनिया भर में आज 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस (World Earth Day 2021) मनाया जा रहा है जिसमें इस साल का थीम 'कोरोना वायरस के बीच कैसे रखें धरती को सुरक्षित' रखा गया है। खास है कि पृथ्वी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को पृथ्वी और पर्यावरण के संरक्षण हेतु जागरूक करना है। मौजूदा समय में ग्लेशियर पिघल रहे हैं, ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रहा है और प्रदूषण भी खूब बढ़ रहा है। इन सभी से पृथ्वी नष्ट हो रही है। ऐसी स्थति में पृथ्वी की गुणवत्ता, उर्वरकता और महत्ता को बनाए रखने के लिए हमें पर्यावरण और पृथ्वी को सुरक्षित रखने की जरूरत है।

इस जलवायु शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने प्रधानमंत्री मोदी सहित 40 देश के नेताओं को आमंत्रित किया है। गौरतलब है कि अमेरिका के पिछले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश को जलवायु शिखर सम्मेलन से अलग कर लिया था। लेकिन जो बाइडेन के चुनाव जीतने के बाद उनके प्रशासन ने न सिर्फ अमेरिका को इसमें शामिल किया, बल्कि इसे प्रभावी बनाने का संकल्प भी लिया।
बहरहाल, इस बैठक में पहली बार अमेरिका के घोर विरोधी चीन और रूस भी शामिल होंगे। इस बैठक में पाकिस्तान को भी आमंत्रित किया गया है। इनके अलावा दक्षिण एशिया से बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और भूटान के प्रधानमंत्री लोते शेरिंग को भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इसमें जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जापानी पीएम योशिहिदे सुगा, ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू, सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित कई यूरोपीय नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है।
इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में कारोबारी और नागरिक समाज के नेता भी हिस्सा लेंगे। यह बैठक जलवायु परिवर्तन के लिहाज से काफी उपयोगी साबित हो सकती है। इस बैठक में कई बड़े फैसले किए जा सकते हैं। इस समारोह के जरिए अमेरिका जीवाश्म ईंधन से होने वाले जलवायु प्रदूषण को कम करने के लिए अहम कदम उठा सकता है। इसमें जलवायु परिवर्तन से होने वाले प्रभावों से जीवन और आजीविका की रक्षा करने की क्षमता को मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा होगी। जिस पर सभी की नजरें लगी होंगी। उधर, व्हाइट हाउस ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन और COP26 का मुख्य लक्ष्य ग्रीन हाउस गैसेज के उत्सर्जन कम कर, वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने के प्रयासों को गति देना है।
दूसरी ओर, दुनिया भर में आज 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस (World Earth Day 2021) मनाया जा रहा है जिसमें इस साल का थीम 'कोरोना वायरस के बीच कैसे रखें धरती को सुरक्षित' रखा गया है। खास है कि पृथ्वी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को पृथ्वी और पर्यावरण के संरक्षण हेतु जागरूक करना है। मौजूदा समय में ग्लेशियर पिघल रहे हैं, ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रहा है और प्रदूषण भी खूब बढ़ रहा है। इन सभी से पृथ्वी नष्ट हो रही है। ऐसी स्थति में पृथ्वी की गुणवत्ता, उर्वरकता और महत्ता को बनाए रखने के लिए हमें पर्यावरण और पृथ्वी को सुरक्षित रखने की जरूरत है।