लखनऊ. हनुमान जी की जाति-धर्म बताने वाले उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण और भाजपा के एमएलसी बुक्कल नवाब की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कासगंज जिले के थाना सोरों में इन दोनों नेताओं के खिलाफ तहरीर दी गई है। समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने सपाइयों के साथ थाना सोरों पुलिस को तहरीर दी है। इसमें उन्होंने लक्ष्मीनारायण चौधरी और बुक्कल नवाब पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है।

सपा नेता ने कहा कि हिंदू धर्म के करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है। भाजपा के एमएलसी एवं मंत्री भगवान हनुमान की जाति व धर्म बताकर विवादित बयान दे रहे हैं। इसी संबंध में उन्होंने तहरीर दी है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी सोरों रिपुदमन सिंह ने कहा कि तहरीर कोतवाली के प्रशासनिक निरीक्षक को दी गई है। मामले को समझकर निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब है कि भाजपा के एमएलसी बुक्कल नवाब ने हनुमान जी को मुसलमान बताया। उनका कहना है कि हनुमान जी मुसलमान थे, इसलिए मुसलमानों में उनके नाम जैसे होते हैं। उन्होंने रहमान, सुल्तान, अरमान, रमजान आदि नाम भी गिना डाले।
बुक्कल नवाब के बाद योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने भी हनुमान जी पर अजीबोगरीब बयान दे डाला। उन्होंने हनुमान जी को जाट बता दिया। तर्क दिया कि हनुमान जी का स्वभाव उनके समुदाय से मिलता है। इससे पहले विधानसभा चुनावों के दौरान राजस्थान के अलवर में एक जनसभा संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजरंगबली को दलित बताया था। उन्होंने कहा था कि बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं, जो वनवासी हैं, निर्वासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भगवान हनुमान को ‘दलित’ बताए जाने के बाद उनकी जाति को लेकर शुरू हुआ सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नेता हनुमान जी को वनवासी, जाट, ब्राह्मण, जाट और मुस्लिम तक करार दे चुके हैं। भाजपा के बागी सांसद कीर्ति ने तो यहां तक दिया कि अब चीन के लोगों ने भी यह कहना शुरू कर दिया है कि हनुमान जी उनके अराध्य थे। सभी ने अपने-अपने बयान के पीछे यथासंभव तर्क भी दिए। इस कड़ी में अब एक और नाम जुड़ गया है। वो नाम है भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में मंत्री चेतन चौहान का। उन्होंने कहा कि हनुमान जी स्पोर्ट्समैन थे और उनकी जाति के बारे में चर्चा नहीं होनी चाहिए।

सपा नेता ने कहा कि हिंदू धर्म के करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है। भाजपा के एमएलसी एवं मंत्री भगवान हनुमान की जाति व धर्म बताकर विवादित बयान दे रहे हैं। इसी संबंध में उन्होंने तहरीर दी है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी सोरों रिपुदमन सिंह ने कहा कि तहरीर कोतवाली के प्रशासनिक निरीक्षक को दी गई है। मामले को समझकर निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब है कि भाजपा के एमएलसी बुक्कल नवाब ने हनुमान जी को मुसलमान बताया। उनका कहना है कि हनुमान जी मुसलमान थे, इसलिए मुसलमानों में उनके नाम जैसे होते हैं। उन्होंने रहमान, सुल्तान, अरमान, रमजान आदि नाम भी गिना डाले।
बुक्कल नवाब के बाद योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने भी हनुमान जी पर अजीबोगरीब बयान दे डाला। उन्होंने हनुमान जी को जाट बता दिया। तर्क दिया कि हनुमान जी का स्वभाव उनके समुदाय से मिलता है। इससे पहले विधानसभा चुनावों के दौरान राजस्थान के अलवर में एक जनसभा संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजरंगबली को दलित बताया था। उन्होंने कहा था कि बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं, जो वनवासी हैं, निर्वासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भगवान हनुमान को ‘दलित’ बताए जाने के बाद उनकी जाति को लेकर शुरू हुआ सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नेता हनुमान जी को वनवासी, जाट, ब्राह्मण, जाट और मुस्लिम तक करार दे चुके हैं। भाजपा के बागी सांसद कीर्ति ने तो यहां तक दिया कि अब चीन के लोगों ने भी यह कहना शुरू कर दिया है कि हनुमान जी उनके अराध्य थे। सभी ने अपने-अपने बयान के पीछे यथासंभव तर्क भी दिए। इस कड़ी में अब एक और नाम जुड़ गया है। वो नाम है भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में मंत्री चेतन चौहान का। उन्होंने कहा कि हनुमान जी स्पोर्ट्समैन थे और उनकी जाति के बारे में चर्चा नहीं होनी चाहिए।