लखनऊ। तीन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को मिली करारी हार के लिए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को एक बड़ी वजह बताया जा रहा है। बीजेपी के सांसद संजय काकड़े ने तो यहां तक कह दिया कि मैं अमित शाह को पत्र लिखकर कहूंगा कि वे योगी आदित्यनाथ की बेतुकी बयानबाजी बंद कराएं। योगी आदित्यनाथ के नाम बदलने वाले बयानों के कारण बीजेपी हारी है। लेकिन इस बीच लखनऊ में ‘योगी लाओ देश बचाओ’ के होर्डिंग्स नजर आ रहे हैं।

चुनाव परिणाम वाले दिन मंगलवार को ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भारत के अगले प्रधानमंत्री बनाने के लिए लखनऊ में पोस्टर लगाए गए है। इन होर्डिंग्स में पीएम मोदी को जुमलेबाज बताया गया है। साथ ही योगी को हिंदुत्व का ब्रांड बताया गया है। साथ ही इस पोस्टर में लिखा है ‘योगी लाओ देश बचाओ’।
इन होर्डिंग्स को लखनऊ के राजभवन के पास मुख्य रास्ते पर लगाया गया था। ये पोस्टर उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना की तरफ से लगाये गए है। बताया जा रहा है कि इन होर्डिंग्स के मीडिया में वायरल होने के बाद आनन-फानन में हटा लिया गया। लेकिन इन होर्डिंग्स के वीडियो व तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
बता दें कि मंगलवार को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद से ही सोशल मीडिया पर भी केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर लोग ने तंज कसना शुरू कर दिया था। सोशल मीडिया पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कई बीजेपी समर्थकों ने हिंदुत्व के एजेंडे को जंकिंग और विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पार्टी को दोषी ठहराया। वहीं, कई लोगों ने इन नतीजों के लिए सरकार की खराब नीतियों जैसे जीएसटी, किसान कर्जमाफी और नोट बंदी को वजह बताया।

चुनाव परिणाम वाले दिन मंगलवार को ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भारत के अगले प्रधानमंत्री बनाने के लिए लखनऊ में पोस्टर लगाए गए है। इन होर्डिंग्स में पीएम मोदी को जुमलेबाज बताया गया है। साथ ही योगी को हिंदुत्व का ब्रांड बताया गया है। साथ ही इस पोस्टर में लिखा है ‘योगी लाओ देश बचाओ’।
इन होर्डिंग्स को लखनऊ के राजभवन के पास मुख्य रास्ते पर लगाया गया था। ये पोस्टर उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना की तरफ से लगाये गए है। बताया जा रहा है कि इन होर्डिंग्स के मीडिया में वायरल होने के बाद आनन-फानन में हटा लिया गया। लेकिन इन होर्डिंग्स के वीडियो व तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
बता दें कि मंगलवार को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद से ही सोशल मीडिया पर भी केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर लोग ने तंज कसना शुरू कर दिया था। सोशल मीडिया पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कई बीजेपी समर्थकों ने हिंदुत्व के एजेंडे को जंकिंग और विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पार्टी को दोषी ठहराया। वहीं, कई लोगों ने इन नतीजों के लिए सरकार की खराब नीतियों जैसे जीएसटी, किसान कर्जमाफी और नोट बंदी को वजह बताया।