RBI गवर्नर के बाद अब पीएम मोदी के आर्थिक सलाहकार सुरजीत भल्ला का इस्तीफा

Published on: December 11, 2018
नई दिल्ली। अर्थशास्त्री और कॉलमनिस्ट सुरजीत भल्ला ने प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) से इस्तीफा दे दिया है। वो इस परिषद में अल्पकालिक सदस्य थे। सुरजीत भल्ला का इस्तीफ़ा ऐसे समय में आया है जब बीते 15 महीनों में आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया और मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम समेत 3 अर्थशास्त्री सरकार का साथ छोड़ चुके हैं।

भल्ला ने मंगलावर को ट्विटर के जरिए इस्तीफे की सूचना दी। इसके मुताबिक भल्ला ने 1 दिसंबर को ही इस्तीफा दे दिया था। भल्ला ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लिखा, ‘पीएमईएसी की पार्ट-टाइम सदस्यता से मैंने एक दिसंबर को इस्तीफा दे दिया।’ उन्होंने इसकी वजह सीएनएन आईबीएन चैनल से जुड़ना और किताब लिखना बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका इस्तीफ़ा बीते 1 दिसंबर से प्रभावी माना जाएगा।

भल्ला द इंडियन एक्सप्रेस अख़बार के कंसल्टिंग एडिटर भी हैं और एक साप्ताहिक कॉलम लिखते हैं। वे रिज़र्व बैंक द्वारा बढ़ी हुई ब्याज दर और मुद्रास्फीति के उम्मीद अधिक आकलन को लेकर आलोचनात्मक रहे हैं।

1 दिसंबर को अपने कॉलम में उन्होंने नीति आयोग द्वारा जीडीपी पर बैक सीरीज डाटा जारी करने की भी आलोचना की थी। उन्होंने लिखा था, ‘बाकियों के साथ, मुझे भी ऐसा लगता है कि नीति आयोग द्वारा सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (सीएसओ) के जीडीपी संबंधी डाटा जारी करने में इस तरह प्रत्यक्ष रूप से शामिल रहना गलत है।

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद एक स्वतंत्र निकाय होता है, जिसका काम भारत सरकार, विशेष तौर पर प्रधानमंत्री को आर्थिक मामलों पर परामर्श देना होता है।

वर्तमान आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन सितंबर 2017 में हुआ था और इसका प्रमुख नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबरॉय को बनाया गया था। इसमें अर्थशास्त्री रथिन रॉय, आशिमा गोयल और शमिका रवि अल्पकालिक सदस्य के तौर पर शामिल हैं।

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