बुलंदशहर हिंसा के बाद सीएम योगी ने गोकशी पर जताई चिंता, प्रेस नोट में दंगाइयों का जिक्र नहीं

Written by Sabrangindia Staff | Published on: December 5, 2018
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में हुई हिंसा की घटना और लखनऊ में बीजेपी नेता की हत्या पर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया दी है। सीएम योगी ने बुलंदशहर हिंसा को लेकर मुख्य सचिव, डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह, अपर पुलिस महानिदेशक इंटेलिजेंस से घटना को लेकर रिपोर्ट मांगी है। योगी आदित्यनाथ ने बैठक के एसएचओ सुबोध कुमार सिंह और एक युवक की हत्यारों पर कार्रवाई के निर्देश के बजाय गोकशी पर चिंता व्यक्त की। 

मंगलवार देर रात राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर बुलाई गई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुलंदशहर की घटना की पूरी गंभीरता से जांच कर गोकशी में संलिप्त सभी आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। यह घटना एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है। लिहाजा गोकशी से संबंध रखने वाले प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सभी को समान रूप से गिरफ्तार किया जाए।

वहीं बुलंदशहर की हिंसा में मारे गए सुमित के परिवारजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख की आर्थिक सहायता की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की घोषणा की। सीएम योगी ने डीजीपी और अपर पुलिस महानिदेशक को अभियान चलाकर माहौल खराब कर रहे लोगों को बेनकाब करने व उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

यूपी सरकार की तरफ से इस बैठक के बाद ट्वीट किया गया है, 'बुलंदशहर में हुई घटना एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है, अतः गौकशी से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से संबंध रखने वाले सभी लोगों को समयबद्ध रूप से गिरफ़्तार किया जाए'। सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार ने यूपी सरकार की प्रेस नोट शेयर कर सीएम योगी के इस कदम को सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाला बताया है। 

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