कानून का बोलबाला

February 23, 2018
पागलपन की हद तक बैंकरों के भेजे गए हज़ारों मेसेज पढ़े जा रहा हूं। गर्दन में दर्द हो गया है। ये मेसेज मुझे शोषण, बेईमानी और यातना की ऐसी दुनिया में लेकर गए हैं जहां हर चेहरे से ख़ून के आंसू निकलते दिख रहे हैं। नोटबंदी ने बैंकरों को भी लूटा है। हमारा विपक्ष अपनी अनैतिकताओं के बोझ ने दबा होता और चुनावी हार-जीत से अलग होकर नोटबंदी जैसे राष्ट्रीय अनैतिक अपराध पर सवाल करता तो इसकी क्रूर सच्चाइयां हमारे...
February 23, 2018
नई दिल्ली. एआईयूडीएफ अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल की राजनीति रसूख ने असम में कांग्रेस का सफाया किया तो भाजपा की ताकत बढ़ी. लेकिन 2005 से 2018 तक अजमल ने जितनी लोकतांत्रिक शक्ति बटोरी है उससे भाजपा को भी खतरा है. ऐसे में सेनाध्यक्ष बिपिन रावत का बयान सुर्खियों में है. सोशल मीडिया पर यह मामला लगातार सेनाध्यक्ष के मनसूबों पर सवाल उठा रहा है. वरिष्ठ पत्रकार अरविंद शेष लिख रहे हैं.... क्या...
February 23, 2018
यूपी/बिहार. महिलाओं पर अत्याचार के मामले यूं तो देशभर में बढ़ रहे हैं लेकिन दो दिन में यूपी बिहार में घटित हुई वारदातों ने सरकारों की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं. बेगुसराय में महिला अधिकारों के लिये लड़ने वाली प्रियंका की हत्या कर दी गयी. प्रियंका का कसूर इतना था कि वह महिला अधिकार की लड़ाई निजी तौर पर लड़ रही थी. उसे पुरुषसत्तावादी इस व्यवस्था ने मार दिया. यह समाज स्त्रियों...
February 22, 2018
कुल्लू. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू की दुर्गम पंचायत शिल्ही राजगिरी के सरकारी हाई स्कूल चेष्टा में पीएम नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम को दिखाने के लिए एसएमसी अध्यक्ष के घर बच्चों को ले जाया गया. यहां एक जाति विशेष के बच्चों को अन्य बच्चों से दूर घोड़ों को बांधने वाली जगह के पास बैठाया गया. जातीय भेदभाव के इस मामले में न्यायिक जांच पूरी हो गई है. डीसी यूनुस ने कार्रवाई...
February 21, 2018
बैंक कर्मचारियों के सैंकड़ों मेसेज पढ़ गया। उनकी व्यथा तो वाक़ई भयानक है। क्या किसी को डर नहीं है कि दस लाख लोगों का यह जत्था उसे कितना राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकता है? कई दिनों से हज़ारों मेसेज पढ़ते हुए यही लगा कि बैंक के कर्मचारी और अधिकारी भयंकर मानसिक तनाव से गुज़र रहे हैं। उनके भीतर घुटन सीमा पार कर गई है। आज जब बैंकों को बेचने की बात हो रही है तो याद आया है कि तब क्यों नहीं हो रही थी...
February 21, 2018
अहमदाबाद। दलितों के प्रति मोदी सरकार की कार्यशैली और दमनकारी नीतियों से परेशान दलित विचारक मूलचंद राणा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और बीजेपी से अपने सारे संबंध तोड़ लिए हैं। लगातार 48 सालों से बीजेपी और आरएसएस के लिए काम करने वाले रिटायर्ड बैंक कर्मचारी मूलचंद ने दोनों को चिट्ठी लिखकर उन्हें पदमुक्त किए जाने का आग्रह किया है।   NBT file photo: फाइल फोटो: 1993 में नरेंद्र मोदी...
February 21, 2018
नई दिल्ली. अखिल भारतीय किसान सभा राजस्थान में वसुंधरा राजे की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार के द्वारा राज्य में चल रहे किसान आंदोलन पर किये जा रहे दमन और अखिल भारतीय किसान सभा के उपाध्यक्ष कामरेड अमाराम राम, बुजुर्ग, वयोवृद्ध नेता हेतराम बेनीवाल, श्योपत मेघवाल एवं अन्य नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए प्रेस नोट जारी किया है। किसान सभा ने कहा कि ऐसी सूचनाएं आ रही हैँ कि राज्य के विभिन्न...
February 20, 2018
"जातिप्रथा के अपने शक्ति स्त्रोत हैं, एक जातिवादी के पद पर जाते ही सारे संस्था या संगठन भी जातिवादी हो जाते हैं. आरक्षण वंचित जाति को उन शक्ति स्त्रोतों तक पहुँचा रहा है और वो भी उतने जातिवादी हैं. यह एक युद्ध की तैयारी की तरह है, जैसे दो विश्वयुद्धों से पहले पुरी दुनिया गुप्त संधियों के दौड़ में थी, जिसने युद्ध को रोका नहीं बल्कि राष्ट्रों के युद्ध को विश्व का युद्ध बना दिया. भारतीय समाज भी...
February 20, 2018
अदानी की सेवा में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने कानून बदल दिया और जमीन पर से आदिवासियों के हक को खत्म करके अदानी और राजस्थान की भाजपा सरकार के इंटरप्राइजेज को 100 प्रतिशत सबसिडी के साथ दे दिया! यह उन खबरों के पहाड़ की एक और झलक भर है, जो दिन-रात चलने वाले जुमलों और फर्जीवाड़ों के भजन-कीर्तन के शोर में जानबूझ कर दबा दी जाती हैं! और जब तक सामने आती है, तब तक बहुत कुछ लुट चुका होता है... कभी वापस...
February 20, 2018
मोदी जी, ये आधा गिलास हवा से भरा नहीं, बल्कि “नीरव मोदी” जैसों की वजह से आधा खाली है... “आधा गिलास हवा से भरा” वाले बयान को मैं अकल्पनीय आशावादिता का उदाहरण मानता हूं. मैंने तब भी कहा था कि अतिमहात्वकांक्षा की तरह अतिआशावादिता भी कम खतरनाक नहीं होता. सवाल है कि आधा गिलास हवा से क्यों भरा है? उसमें पानी क्यों नहीं है? कौन है आधे गिलास पानी का चोर? बावजूद इस सब के, नीरव...