धार्मिक कट्टरपन
July 26, 2016
एक चौकानेवाली घटना जिसमें मनुष्य को अपमानित किया गया है और उनके जो न्यूनतम मूल्य है उसका भी इनकार किया गया है।कानून के नियमों के अनुसार हर एक व्यक्ति को जो न्यूनतम मूल्य है मिलने चाहिए जो उनका मौलिक अधिकार है। एक आत्म घोषित राज्य गुजरात के सोमनाथ जिले में गाय सतर्कता समूह वैन को छीन लिया गया और मृत गाय स्किन्निंग(skinning) के कथित अपराध में साथ दलित समुदाय से संबंधित लोगों को कार को...
July 26, 2016
कंधमाल मेरे लिए कोई नया विषय नहीं है। काउंटरकरेंट्स डॉट ऑर्ग ने दो नवंबर 2003 को अंगना चटर्जी का लिखा एक लेख प्रकाशित किया था- 'ओड़िशाः अ गुजरात इन द मेकिंग।' यह लेख 2008 में कंधमाल में हुए आधुनिक भारत में ईसाइयों के खिलाफ सबसे बर्बर दंगों के पांच साल पहले छपा था, जिस दंगे में तिरानबे लोग मारे गए, आदिवासी ईसाइयों और दलित ईसाइयों के साढ़े तीन सौ से ज्यादा पूजा-स्थलों को नष्ट कर...
July 25, 2016
(कश्मीर कवरेज पर जारी बहस में नयूज़ चैनलों की दुनिया के दो सबसे चर्चित चेहरों की अलग राय ने पत्रकारिता को लेकर एक पुरानी बहस को नये सिरे से सामने ला दिया है। यह बहस है, अपनी आँख से दिख रहे सच को बताने या सरकार की आँख से दिखाये गये या कूटनीतिक ज़रूरतों के लिहाज़ से बताये जा रहे 'सच' को बताने की। एम्बेडेड जर्नलिज़्म या नत्थी पत्रकारिता का ही नतीजा है कि मेसोपोटामिया जैसी सभ्यता को जन्म...
July 23, 2016
पिछले तेरह जून को जैसे ही ऑरलैंडो नाइट क्लब में हुई गोलीबारी की खबर सामने आई, अमेरिका के सभी मुसलमान भय से कांप उठे। हालांकि मन ही मन वे उम्मीद और दुआ कर रहे थे कि अपराधी कोई मुसलिम पहचान वाला न हो। लगभग इसी किस्म की प्रतिक्रिया मुसलमानों के बीच 2013 के बोस्टन मैराथन बमबारी और सन बर्नार्डीनो गोलीबारी की घटना के बाद हुई थी।
दरअसल, अमेरिकी मुसलमान किसी आतंकी घटना के बाद इसी तर्ज पर...
July 23, 2016
चेन्नई की तकनीकी विशेषज्ञ की हत्या के मामले में जिस तरह धर्म और जाति संबंधी अतिवादी कयास लगाए गए, वह एक खतरनाक नतीजे की ओर ले जाने वाला अभियान था।
चेन्नई में इन्फोसिस की एक कर्मचारी स्वाति की जघन्य हत्या के मामले में जो संदिग्ध गिरफ्तार हुआ, उसका नाम राम कुमार है। यह शुरू में साफ कर देना इसलिए जरूरी है कि इस मसले पर जिस तरह की प्रतिक्रिया सामने आई, वह एक खास राजनीतिक माहौल से पैदा हुई एक ऐसी...
July 22, 2016
Dadri to Gujarat : Rise In Rage!
Rise in Support of the Ongoing Dalit Movement in Gujarat Challenging Assaults and Witch-Hunt by the Saffron 'Cow Protection' Brigade!
Join
Citizen's Protest Vigil
Against Atrocity on Dalits in the Name of 'Cow Protection'
23 July Jantar Mantar 1.00 pm onwards
Please Join With Your Own Banners And Placards!
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July 22, 2016
तथ्य पड़ताल टीम ने कहा - पुलिस अधिकारी चाहते तो हमलावरों को उना पहुंचने से पहले ही रोक सकते थे।
गुजरात के उना में दलित युवकों के साथ जो बर्बरता हुई, उसे पुलिस चाहती तो पूरी तरह रोक सकती थी। इस मामले में सचाई का पता लगाने के लिए स्वतंत्र रिसर्चरों की जो टीम गुजरात गई उसकी रिपोर्ट में यह साफ कहा गया है कि पुलिस गाय की खाल निकालने वाले युवकों को घसीट कर उना ले जाने से पहले ही इस हमले को रोक...
July 21, 2016
Image: PTI
गुजरात में दलितों का विद्रोह खास क्यों है? यह इसलिए कि जिस गाय के सहारे आरएसएस-भाजपा अपनी असली राजनीति को खाद-पानी दे रहे थे, वही गाय पहली बार उसके गले की फांस बनी है। बल्कि कहा जा सकता है कि गाय की राजनीति के सहारे आरएसएस-भाजपा ने हिंदू-ध्रुवीकरण का जो खेल खेला था, उसके सामने बाकी तमाम राजनीतिक दल एक तरह से लाचार थे और उसके विरोध का कोई जमीनी तरीका नहीं निकाल पा रहे थे। गुजरात...
July 21, 2016
पिछले कई बरसों से हम गुजरात मॉडल , इसके झूठ और अधूरे सच से जुड़ी कहानियां सुन-सुन कर थक चुके हैं। यह बात याद रखना जरूरी है राज्य में 2002 के जघन्य मुस्लिम नरसंहार के दाग मिटाने के लिए 2007 के बाद इस मॉडल की बिक्री और और मार्केटिंग शुरू हुई।
ऐसा नहीं है कि दूसरी सरकारों और राजनीतिक पार्टियों के दौर में सरकार में बैठे बड़े लोग और सत्ता के केंद्र रहे संस्थान अल्पसंख्यक विरोधी पूर्वाग्रह...
July 20, 2016
गाय मरी हुई थी, लेकिन इंसान जिंदा थे। वे मरी गाय की खाल उतार रहे थे, बदले में आपने उनकी खाल खींच ली।
आपका कदम पूरी तरह नैतिक था। गाय आपकी माता ठहरी, अपना परलोक सुधारने से लेकर दूसरो को परलोक भेजने तक आप जैसे चाहें उनके नाम का इस्तेमाल करें, आपका जन्मसिद्ध अधिकार है।
A Dalit protests in Ahmedabad on Tuesday against attacks on the community. Photo: PTI
लेकिन हाय रे दुर्भाग्य! खाल आपने...