राजनीती

July 27, 2016
हसीब द्रबु की पत्नी रूही नाज़की टाटा में एक्स्कूटिव के पद पर काम कर चुकी हैं। हाल ही में वे झेलम के किनारे पर 'चाय जय' शुरू करने श्रीनगर में लौटीं। कश्मीरी उग्रवादी बुरहान वानी की हत्या के बाद समूचे कश्मीर में जन-उभार पर सरकारी के रुख को उन्होंने अनैतिक, त्रासद और गलत बताया। उनके पति हसीब द्रबु चूंकि पीडीपी और भाजपा सरकार की मुखिया महबूबा मुफ्ती के मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री हैं, इसलिए...
July 27, 2016
प्रिय रवीश कुमार जी, सीजन खुली चिट्ठियों का है। आपने हाल ही में पत्रकार से मंत्री बने एम.जे.अकबर को चिट्ठी लिखी। बरखा दत्त ने पूर्व मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी को चिट्ठी लिखी। चूंकि आप अब ट्रॉलिंग के चलते सोशल मीडिया में नहीं हैं इसलिए खुली चिट्ठी ही मेरे लिए आप तक पहुंचने अकेला जरिया था। रवीश की रिपोर्ट का मैं शुरू से ही दर्शक रहा हूं। आपकी पत्रकारिता के मानदंडों का मैं प्रशंसक हूं...
July 26, 2016
कश्मीर में प्रेस की आज़ादी पर हमले को लेकर दिल्ली प्रेस क्लब में  20 जुलाई को आयोजित एक कार्यक्रम में टीवी टुडे ग्रुप के संपादकीय सलाहकार राजदीप सरदेसाई ने कहा था कि कश्मीर को लेकर ख़बरें प्लांट की जा रही हैं। ऐसी बाइट दिखाई जाती है जिनके बारे में शक है कि वे 2010 की हैं। हैरानी की बात यह है कि यह आरोप ख़ुद राजदीप के चैनल 'इंडिया टुडे' और 'आज तक' पर है, जिसके बारे में कुछ दिन...
July 26, 2016
  कंधमाल मेरे लिए कोई नया विषय नहीं है। काउंटरकरेंट्स डॉट ऑर्ग ने दो नवंबर 2003 को अंगना चटर्जी का लिखा एक लेख प्रकाशित किया था- 'ओड़िशाः अ गुजरात इन द मेकिंग।' यह लेख 2008 में कंधमाल में हुए आधुनिक भारत में ईसाइयों के खिलाफ सबसे बर्बर दंगों के पांच साल पहले छपा था, जिस दंगे में तिरानबे लोग मारे गए, आदिवासी ईसाइयों और दलित ईसाइयों के साढ़े तीन सौ से ज्यादा पूजा-स्थलों को नष्ट कर...
July 25, 2016
कश्मीर में मीडिया पहले से ही जंजीरों से बंधा हैं। राज्य में लगभग स्थायी कफ्र्यू के हालात में काम करने वाले मीडिया के लिए संचार के  श्रोतों पर प्रतिबंध लगा कर और मुश्किल हालात बना दिए गए हैं। फिर मौजूदा दमन और प्रतिबंध अलग कैसे है? इसका मकसद क्या है? Image: PTI दरअसल यह दमन पुलिस की क्रूर ताकतों, कानूनों के खुल्लम-खुल्ला उल्लंघनों और नीति-नियमों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को...
July 25, 2016
(कश्मीर कवरेज पर जारी बहस में नयूज़ चैनलों की दुनिया के दो सबसे चर्चित चेहरों की अलग राय ने पत्रकारिता को लेकर एक पुरानी बहस को नये सिरे से सामने ला दिया है। यह बहस है, अपनी आँख से दिख रहे सच को बताने या सरकार की आँख से दिखाये गये या कूटनीतिक ज़रूरतों के लिहाज़ से बताये जा रहे 'सच' को बताने की। एम्बेडेड जर्नलिज़्म या नत्थी पत्रकारिता का ही नतीजा है कि मेसोपोटामिया जैसी सभ्यता को जन्म...
July 23, 2016
पिछले तेरह जून को जैसे ही ऑरलैंडो नाइट क्लब में हुई गोलीबारी की खबर सामने आई, अमेरिका के सभी मुसलमान भय से कांप उठे। हालांकि मन ही मन वे उम्मीद और दुआ कर रहे थे कि अपराधी कोई मुसलिम पहचान वाला न हो। लगभग इसी किस्म की प्रतिक्रिया मुसलमानों के बीच 2013 के बोस्टन मैराथन बमबारी और सन बर्नार्डीनो गोलीबारी की घटना के बाद हुई थी। दरअसल, अमेरिकी मुसलमान किसी आतंकी घटना के बाद इसी तर्ज पर...
July 23, 2016
चेन्नई की तकनीकी विशेषज्ञ की हत्या के मामले में जिस तरह धर्म और जाति संबंधी अतिवादी कयास लगाए गए, वह एक खतरनाक नतीजे की ओर ले जाने वाला अभियान था। चेन्नई में इन्फोसिस की एक कर्मचारी स्वाति की जघन्य हत्या के मामले में जो संदिग्ध गिरफ्तार हुआ, उसका नाम राम कुमार है। यह शुरू में साफ कर देना इसलिए जरूरी है कि इस मसले पर जिस तरह की प्रतिक्रिया सामने आई, वह एक खास राजनीतिक माहौल से पैदा हुई एक ऐसी...
July 22, 2016
Dadri to Gujarat : Rise In Rage! Rise in Support of the Ongoing Dalit Movement in Gujarat Challenging Assaults and Witch-Hunt by the Saffron 'Cow Protection' Brigade! Join Citizen's Protest Vigil Against Atrocity on Dalits in the Name of 'Cow Protection' 23 July Jantar Mantar 1.00 pm onwards Please Join With Your Own Banners And Placards! ·  ...
July 22, 2016
तथ्य पड़ताल टीम ने कहा - पुलिस अधिकारी चाहते तो हमलावरों को उना पहुंचने से पहले ही रोक सकते थे। गुजरात के उना में दलित युवकों के साथ जो बर्बरता हुई, उसे पुलिस चाहती तो पूरी तरह रोक सकती थी। इस मामले में सचाई का पता लगाने के लिए स्वतंत्र रिसर्चरों की जो टीम गुजरात गई उसकी रिपोर्ट में यह साफ कहा गया है कि पुलिस गाय की खाल निकालने वाले युवकों को घसीट कर उना ले जाने से पहले ही इस हमले को रोक...