मिडिया
July 27, 2016
प्रिय रवीश कुमार जी,
सीजन खुली चिट्ठियों का है। आपने हाल ही में पत्रकार से मंत्री बने एम.जे.अकबर को चिट्ठी लिखी। बरखा दत्त ने पूर्व मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी को चिट्ठी लिखी। चूंकि आप अब ट्रॉलिंग के चलते सोशल मीडिया में नहीं हैं इसलिए खुली चिट्ठी ही मेरे लिए आप तक पहुंचने अकेला जरिया था।
रवीश की रिपोर्ट का मैं शुरू से ही दर्शक रहा हूं। आपकी पत्रकारिता के मानदंडों का मैं प्रशंसक हूं...
July 25, 2016
कश्मीर में मीडिया पहले से ही जंजीरों से बंधा हैं। राज्य में लगभग स्थायी कफ्र्यू के हालात में काम करने वाले मीडिया के लिए संचार के श्रोतों पर प्रतिबंध लगा कर और मुश्किल हालात बना दिए गए हैं। फिर मौजूदा दमन और प्रतिबंध अलग कैसे है? इसका मकसद क्या है?
Image: PTI
दरअसल यह दमन पुलिस की क्रूर ताकतों, कानूनों के खुल्लम-खुल्ला उल्लंघनों और नीति-नियमों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को...
July 25, 2016
(कश्मीर कवरेज पर जारी बहस में नयूज़ चैनलों की दुनिया के दो सबसे चर्चित चेहरों की अलग राय ने पत्रकारिता को लेकर एक पुरानी बहस को नये सिरे से सामने ला दिया है। यह बहस है, अपनी आँख से दिख रहे सच को बताने या सरकार की आँख से दिखाये गये या कूटनीतिक ज़रूरतों के लिहाज़ से बताये जा रहे 'सच' को बताने की। एम्बेडेड जर्नलिज़्म या नत्थी पत्रकारिता का ही नतीजा है कि मेसोपोटामिया जैसी सभ्यता को जन्म...
July 23, 2016
पिछले तेरह जून को जैसे ही ऑरलैंडो नाइट क्लब में हुई गोलीबारी की खबर सामने आई, अमेरिका के सभी मुसलमान भय से कांप उठे। हालांकि मन ही मन वे उम्मीद और दुआ कर रहे थे कि अपराधी कोई मुसलिम पहचान वाला न हो। लगभग इसी किस्म की प्रतिक्रिया मुसलमानों के बीच 2013 के बोस्टन मैराथन बमबारी और सन बर्नार्डीनो गोलीबारी की घटना के बाद हुई थी।
दरअसल, अमेरिकी मुसलमान किसी आतंकी घटना के बाद इसी तर्ज पर...
July 23, 2016
चेन्नई की तकनीकी विशेषज्ञ की हत्या के मामले में जिस तरह धर्म और जाति संबंधी अतिवादी कयास लगाए गए, वह एक खतरनाक नतीजे की ओर ले जाने वाला अभियान था।
चेन्नई में इन्फोसिस की एक कर्मचारी स्वाति की जघन्य हत्या के मामले में जो संदिग्ध गिरफ्तार हुआ, उसका नाम राम कुमार है। यह शुरू में साफ कर देना इसलिए जरूरी है कि इस मसले पर जिस तरह की प्रतिक्रिया सामने आई, वह एक खास राजनीतिक माहौल से पैदा हुई एक ऐसी...
July 23, 2016
भारत का टीवी इन दिनों असंभव और दुर्दांत किस्म की घटनाओं को दर्ज कर रहा है। जंतर-मंतर पर डोनल्ड ट्रंप की फोटो को केक खिलाकर बर्थडे मनाने के कुल बीस संघी लफंगों के जुटान को प्राइम टाइम खबर बना देने वाले संपादकों को मुंबई में डेढ़ लाख लोगों की उमड़े दलितों का सैलाब नज़र ही नहीं आया। दादर के ऐतिहासिक अंबेडकर भवन पर बुलडोज़र चलाने के खिलाफ डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों का इकट्ठा हो जाना टीवी के...
July 20, 2016
July 16, 2016: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अखबारों के ब्यूरो में छापे मारे, कर्मचारियों को हिरासत में लिया और प्रतियां जब्त की
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के दो बड़े अखबारों ने कहा है कि पिछले शनिवार की रात जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उनके दफ्तरों पर छापे मारे। छपी हुई प्रतियों को जब्त कर लिया और कर्मचारियों को गिरफ्तार कर ले गई। साफ तौर पर यह घाटी में मीडिया का गला घोंटने की कार्रवाई है।...
July 17, 2016
कश्मीर जल रहा है। श्रीनगर की गलियों में लगता है जैसे कोई युद्ध छिड़ा है। अब तक करीब 40 लोग मारे जा चुके हैं। करीब 2000 नागरिक और 1500 के करीब सुरक्षा बलों के जवान घायल हैं। ऐसे माहौल में पत्रकारों के लिए तस्वीर के सभी पहलू सामने ला पाना वाक़ई एक चुनौती है। साहस, समझ और संवेदनशीलता के साथ सच्चाई को सामने रखना आसान नहीं होता, लेकिन इरादा अगर सिर्फ शोहरत और टीआरपी बटोरने का हो तो...
June 30, 2016
मुजफ्फरनगर दंगों के स्टिंग ऑपरेशन के संबंध में उत्तर प्रदेश विधानसभा द्वारा गठित जांच समिति के समक्ष टीवी टुडे चैनल समूह के संपादकीय व प्रबंधकीय अधिकारियों ने जो साक्ष्य प्रस्तुत किए हैंं, उससे टी वी चैनलों के न्यूज रूम के भीतर के कामकाज की संस्कृति जाहिर होती है। दिनांक 17 सितम्बर 2013 को "आज तक" एवं "हेड लाइन्स टुडे" चैनलों पर मुजफ्फरनगर दंगों के विषय में प्रसारित...
June 13, 2016
Home page image: Dailyo
Ravi Nair Tapan Bose Teesta Setalvad
Two days ago, the Times of India reported that the Modi regime is all set to repeal 1966 law, reiterated subsequently in 1975 and 1980, requiring those joining government service, to declare that they are not affiliated to either Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS)...