दलित

December 10, 2022
Image Courtesy: freepressjournal.in   संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) ने नौ एनजीओ को विशेष परामर्शदात्री दर्जा देने के लिए मतदान किया है, जिसमें एक दलित मानवाधिकारों का जोरदार हिमायती है। गैर-सरकारी संगठनों में अंतर्राष्ट्रीय दलित एकजुटता नेटवर्क (IDSN) शामिल है, जिसकी मान्यता भारत द्वारा 15 वर्षों से अवरुद्ध कर दी गई थी। चीन, रूस और भारत द्वारा गैर-सरकारी संगठनों की...
December 10, 2022
दलित एकता सम्मेलन की शुरुआत डॉ. बीआर अंबेडकर की पोती रमा अंबेडकर तेलतुंबडे के उद्घाटन भाषण से हुई Image Courtesy: gaurilankeshnews.com   दलित संघर्ष समिति (DSS) के विभिन्न धड़े बेंगलुरु में एक साथ आए और सरकार की दलित विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध करने के लिए साथी दलितों को जगाने का आह्वान किया। यह ऐसे समय में है जब चारों ओर दलितों पर अत्याचार बढ़ रहा है।   6 नवंबर को, दलित...
December 8, 2022
दलित लड़के को कथित तौर पर एक उच्च जाति के शिक्षक द्वारा मटके से पानी पीने पर बेरहमी से पीटा गया था Image Courtesy: tv9hindi.com   जालोर पुलिस ने उस शिक्षक के खिलाफ चार्जशीट दायर की है जिसने 9 साल के एक दलित लड़के को मटके से पानी पीने के लिए कथित तौर पर पीटा था।   इंद्र कुमार मेघवाल, जिसे उसके शिक्षक छैल सिंह ने कथित तौर पर पीटा था, की इस साल अगस्त में मृत्यु हो गई। इस मामले में...
November 29, 2022
पुलिस ने नवविवाहित जोड़े को शादी के उपहार के रूप में 11,000 नकद रुपये भी दिए।  Image: The Times of India   सुखद आश्चर्यजनक घटना में, उत्तर प्रदेश के संभल के एक गांव में एक दलित व्यक्ति भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अपनी शादी में घोड़े पर सवार हुआ। दुल्हन रवीना अपने जीवन के बड़े दिन पर अपने दूल्हे को घोड़े की सवारी करते हुए देखना चाहती थी और उसकी इच्छा को 44 कांस्टेबल, 14 सब-...
November 26, 2022
रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं 'सफाई कर्मचारी आंदोलन' के संयोजक बेजवाड़ा विल्सन पिछले दशकों से सिर पर मैला ढोने वाली प्रथा के खिलाफ लोगों को जागरूक कर रहे हैं और इसके उन्मूलन की दिशा में काम कर रहे हैं। 1966 में कर्नाटक के कोलार गोल्ड फील्ड में जन्मे विल्सन एक दलित परिवार से हैं। उनका परिवार सिर पर मैला ढोने का काम करता था। विल्सन पॉलिटिकल साइंस...
November 24, 2022
जमीन प्राप्त संघर्ष कमेटी ने संगरूर में डीसी कार्यालय में आम अमी पार्टी की जायज मांगों को लेकर 10 दिवसीय भूख हड़ताल धरना शुरू किया। लगभग 1500 दलित खेतिहर मजदूर कार्यक्रम स्थल पर एकत्रित हुए।   ZPSC ने 1/3 पंचायत भूमि के आवंटन, नुजरूल भूमि के लिए कानून के कार्यान्वयन, प्रत्येक दलित परिवार को 5 मरला देने, मनरेगा योजना के कार्यान्वयन, न्यूनतम 100 दिनों का काम, श्रमिक, सभी डमी नीलामी को...
November 15, 2022
पिछले कई दशकों से गुजरात की सत्ता में बनी भाजपा अभी तक दलितों का उद्धार करने में नाकाम रही है, जबकि इसी पार्टी से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने हर भाषण में इनका ज़िक्र करना नहीं भूलते। फाइल फ़ोटो। फ़ोटो साभार : नवोदय टाइम्स वो कहते हैं हम विदेशों जैसी सड़कें बनवा देंगे, बेरोज़गारी को जड़ से ख़त्म कर देंगे, बुलेट ट्रेन चलवा देंगे... और न जाने क्या-क्या। लेकिन इन जुमलाग्रसित वादों...
November 12, 2022
टिप्पे स्वामी और उनकी बेटी कवाना   जैसे-जैसे आंध्र प्रदेश की सीमा करीब आती है, बड़ी-बड़ी पहाड़ियाँ, बोल्डर लैंडस्केप को डॉट करने लगते हैं। कुछ विशाल चट्टानें छोटी चट्टानों से दबी नजर आती हैं जो उन्हें लगभग कुचल देती हैं। ठीक वैसे ही जैसे भारत के कर्नाटक में तुमकुर जिले के मधुगिरि तालुका में मेदिगेशी गांव के दलित पड़ोस को कुचल दिया गया।   यहाँ - उप-जिला मुख्यालय मधुगिरी (तहसीलदार...
November 9, 2022
जस्टिस रवींद्र भट और सीजेआई यूयू ललित ने असहमति वाले फैसले में कहा कि एससी/एसटी/ओबीसी को ईडब्ल्यूएस आरक्षण से बाहर करने से संविधान के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ समानता संहिता का भी उल्लंघन होता है। Image courtesy: https://lawstreet.co   7 नवंबर को, सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत के फैसले में, संवैधानिक संशोधन को बरकरार रखा गया, जिसने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) या आर्थिक रूप से...
October 20, 2022
सोनभद्र और लखीमपुर के साथियों ने दिखाई संघर्ष की नई राह, प्रशासनिक और राजनीतिक जन-दबाव से ही हासिल किया जा सकेगा वनाधिकार "लोकतंत्र में जन दबाव यानी संगठित संघर्ष का महत्व सर्वविदित है। पुरानी कहावत भी है कि "दबाव से ही रस निकलता है। संगठित जन दबावों के आगे ही सरकारें झुका करती है और लोगों (जनता) को उनके संवैधानिक हक हकूक मिलने का काम होता है। ताजा मामला वनाधिकार कानून के तहत...