सांप्रदायिक संगठन

January 30, 2016
The assassination of Mahatma Gandhi on 30 January 1948 was a declaration of war and a statement of intent. For the forces who conspired in the killing, the act was a declaration of war against the secular, democratic Indian state and all those who stood to affirm these principles, as well as an announcement of a lasting commitment to India as a Hindu Rashtra . It was also an act to signal the...
January 25, 2016
  रोहित वेमुला ने आत्महत्या क्यों की? वह कायर था? अवसाद में था? ज़िन्दगी से हार गया था? उसके मित्रों ने उसकी मदद की होती, तो उसे आत्महत्या से बचाया जा सकता था? क्या उसकी आत्महत्या के ये कारण थे? नहीं, बिलकुल नहीं. रोहित वेमुला की आत्महत्या (Rohith Vemula Suicide) एक निराश युवा की निजी त्रासदी नहीं है. हाँ, निराशा थी उसमें, लेकिन यह निराशा अपनी स्थितियों को लेकर नहीं थी. यह निराशा अपने...
January 22, 2016
  भारत के कैंपस में असंतोष सतह के नीच अरसे से खदबदा रहा था. हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पीएचडी स्कॉलर रोहित वेमुला की सांस्थानिक हत्या ने तापमान को बढ़ाकर वहां पहुंचा दिया, जहां यह असंतोष फट पड़ा. आज पूरे देश में, हर यूनिवर्सिटी में छात्र और तमाम अन्य लोकतांत्रिक और न्यायप्रिय जमातों के लोग जिस तरह सड़को पर उतर आए हैं, उसकी बुनियाद पुरानी है और बेहद सख्त भी. इसलिए उसमें किसी भी तरह की...
January 16, 2016
January 9, 2016
मुसलमानों को सोचना चाहिए और शिद्दत से सोचना चाहिए कि सुधारवादी और प्रगतिशील क़दमों का हमेशा उनके यहाँ विरोध क्यों होता है? तीन तलाक़ जैसी बुराई को आज तक क्यों ख़त्म नहीं किया जा सका? वे शिक्षा में इतने पिछड़े क्यों हैं? धर्म के नाम पर ज़रा-ज़रा सी बातों पर उन्हें क्यों भड़का लिया जाता है? कहीं लड़कियों के फ़ुटबाल खेलने के ख़िलाफ़ फ़तवा क्यों जारी हो जाता है? Image Courtesy: via YouTube.com...
January 5, 2016
केरल के कन्नूर जिले के तालिपाराम्बा में आर. रफीक का स्टूडियो जला दिया गया. वे एक वीडियोग्राफर हैं. स्टूडियो पर हमले की यह वारदात रफीक के मुताबिक़ सार्वजनिक स्थलों पर बुर्के के दुरुपयोग को लेकर एक सीमित व्हाट्स एप समूह (इस्लाम क्या है?) के भीतर उनकी एक टिप्पणी के बाद हुई. उन्होंने कहा था कि पिछले दिनों ऐसी कई घटनाओं की रिपोर्ट आई है कि बुर्काधारी औरतें शादियों और गहनों की दुकानों में चोरियां कर...
January 2, 2016
Image courtesy: Frontline 2002 के गुजरात जनसंहार की जाँच के दौरान ही हमें और बाकी देशको पता चला था कि किस तरह गुजरात को हिंदुत्व की प्रयोगशाला बना कर, सांप्रदायिक राजनीति करने वाली ताक़तों ने हिंदू-मुसलमानों के बीच पीढि़यों से बने कारोबार, मोहल्ले-पड़ोस, रोज़मर्रा के परस्पर सौहार्द्रपूर्ण संबंधों को खत्म किया। यही नहींहिंदू जाति-व्यवस्था के पीड़ित दलित और हिंदू सामाजिक व्यवस्था के दायरे के...