सांप्रदायिक संगठन

July 30, 2016
नरोडा पाटिया. नाम तो सुना ही होगा आपने. वह 28 फरवरी, 2002 का खौफनाक दिन था. नरोडा पाटिया में सब कुछ सहमा सा. माहौल में तनाव था. बच्चे घर में दुबके हुए थे. यह अहमदाबाद की ऐसी बस्ती है, जिसमें मुसलमान अच्छी संख्या में हैं.   27 फरवरी को गोधरा कांड हुआ था. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने उसी शाम गुजरात को श्मशान बना देने का इरादा बना लिया था. सरकार उनके साथ थी. 28 फरवरी. गुजरात बंद...
July 30, 2016
Dr. Dabholkar was assassinated in Pune almost three years back, followed by the assassination of Com. Pansare and Prof. Kalburgi in a very similar way. It was done clearly by the same set of people. The government's investigative agencies have made very little effort either in tracking down those absconding, or with finding evidence of those arrested. It is only with the pressure of the court...
July 28, 2016
1. सोचती हूँ मैं क्या तुम्हें कभी भूल पाउंगी रुखसाना तुम्हारी आँखों की गहराई में झांकते सवाल तुम्हारे निर्दोष गाल पर आकर ठहरा आंसू का एक टुकड़ा बात करते-करते अचानक कुछ याद कर भय से काँपता तुम्हारा शरीर तुम्हारे बच्चें जिनसे स्कूल अब उतनी ही दूर है जितना पृथ्वी से मंगल ग्रह किताबें जो बस्ते में सहेजते थे बच्चे अब दुनिया भर की गर्द खा रही है या यूं कहूं रुखसाना किताबें अपने पढ़े...
July 26, 2016
कश्मीर में प्रेस की आज़ादी पर हमले को लेकर दिल्ली प्रेस क्लब में  20 जुलाई को आयोजित एक कार्यक्रम में टीवी टुडे ग्रुप के संपादकीय सलाहकार राजदीप सरदेसाई ने कहा था कि कश्मीर को लेकर ख़बरें प्लांट की जा रही हैं। ऐसी बाइट दिखाई जाती है जिनके बारे में शक है कि वे 2010 की हैं। हैरानी की बात यह है कि यह आरोप ख़ुद राजदीप के चैनल 'इंडिया टुडे' और 'आज तक' पर है, जिसके बारे में कुछ दिन...
July 26, 2016
एक चौकानेवाली घटना जिसमें मनुष्य को अपमानित किया गया है और उनके जो न्यूनतम मूल्य है उसका भी इनकार किया गया है।कानून के नियमों के अनुसार हर एक व्यक्ति को जो न्यूनतम मूल्य है मिलने चाहिए जो उनका मौलिक अधिकार है। एक आत्म घोषित राज्य गुजरात के सोमनाथ जिले में गाय सतर्कता समूह वैन को छीन लिया गया और मृत गाय स्किन्निंग(skinning) के कथित अपराध में साथ दलित समुदाय से संबंधित लोगों को कार को...
July 26, 2016
  कंधमाल मेरे लिए कोई नया विषय नहीं है। काउंटरकरेंट्स डॉट ऑर्ग ने दो नवंबर 2003 को अंगना चटर्जी का लिखा एक लेख प्रकाशित किया था- 'ओड़िशाः अ गुजरात इन द मेकिंग।' यह लेख 2008 में कंधमाल में हुए आधुनिक भारत में ईसाइयों के खिलाफ सबसे बर्बर दंगों के पांच साल पहले छपा था, जिस दंगे में तिरानबे लोग मारे गए, आदिवासी ईसाइयों और दलित ईसाइयों के साढ़े तीन सौ से ज्यादा पूजा-स्थलों को नष्ट कर...
July 23, 2016
चेन्नई की तकनीकी विशेषज्ञ की हत्या के मामले में जिस तरह धर्म और जाति संबंधी अतिवादी कयास लगाए गए, वह एक खतरनाक नतीजे की ओर ले जाने वाला अभियान था। चेन्नई में इन्फोसिस की एक कर्मचारी स्वाति की जघन्य हत्या के मामले में जो संदिग्ध गिरफ्तार हुआ, उसका नाम राम कुमार है। यह शुरू में साफ कर देना इसलिए जरूरी है कि इस मसले पर जिस तरह की प्रतिक्रिया सामने आई, वह एक खास राजनीतिक माहौल से पैदा हुई एक ऐसी...
July 22, 2016
Dadri to Gujarat : Rise In Rage! Rise in Support of the Ongoing Dalit Movement in Gujarat Challenging Assaults and Witch-Hunt by the Saffron 'Cow Protection' Brigade! Join Citizen's Protest Vigil Against Atrocity on Dalits in the Name of 'Cow Protection' 23 July Jantar Mantar 1.00 pm onwards Please Join With Your Own Banners And Placards! ·  ...
July 22, 2016
तथ्य पड़ताल टीम ने कहा - पुलिस अधिकारी चाहते तो हमलावरों को उना पहुंचने से पहले ही रोक सकते थे। गुजरात के उना में दलित युवकों के साथ जो बर्बरता हुई, उसे पुलिस चाहती तो पूरी तरह रोक सकती थी। इस मामले में सचाई का पता लगाने के लिए स्वतंत्र रिसर्चरों की जो टीम गुजरात गई उसकी रिपोर्ट में यह साफ कहा गया है कि पुलिस गाय की खाल निकालने वाले युवकों को घसीट कर उना ले जाने से पहले ही इस हमले को रोक...
July 21, 2016
Image: PTI गुजरात में दलितों का विद्रोह खास क्यों है? यह इसलिए कि जिस गाय के सहारे आरएसएस-भाजपा अपनी असली राजनीति को खाद-पानी दे रहे थे, वही गाय पहली बार उसके गले की फांस बनी है। बल्कि कहा जा सकता है कि गाय की राजनीति के सहारे आरएसएस-भाजपा ने हिंदू-ध्रुवीकरण का जो खेल खेला था, उसके सामने बाकी तमाम राजनीतिक दल एक तरह से लाचार थे और उसके विरोध का कोई जमीनी तरीका नहीं निकाल पा रहे थे। गुजरात...