कर्नाटक के चामराजनगर ज़िले में एक मंदिर में प्रसाद खाने के बाद 15 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने मंदिर के ट्रस्ट के अध्यक्ष को गिरफ़्तार किया है। प्रसाद खाने के बाद मैसूर के विभिन्न अस्पतालों में 90 से अधिक मरीज़ भर्ती हैं जिसमें से 20 गंभीर हालत में हैं। पुलिस का कहना है कि कथित तौर पर शुक्रवार को ट्रस्ट के अध्यक्ष ने प्रसाद में आधा लीटर कीटनाशक मिला दिया था।

पुलिस का कहना है कि कथित तौर पर सल्लूर मठ के 52 वर्षीय पत्तडा इम्मादी महादेवस्वामी ने एक महिला और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर इसकी साजिश रची। महिला का नाम अंबिका बताया गया है, महिला का पति मदेश और एक अन्य व्यक्ति जिसका नाम डोडैया है, वे भी इसमें लिप्त बताए गए हैं।
बहरहाल, चामराजनगर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एम एस गीता ने कोई और जानकारी देने से इनकार कर दिया।पुलिस सूत्रों ने बताया कि महंत और एक महिला समेत कम से कम पांच लोगों की इस घटना में सीधी भूमिका है। अधिकारियों ने 15 दिसंबर की इस घटना को लेकर अभी तक 11 लोगों से पूछताछ की है।
गौरतलब है कि चामराजनगर जिले के हानुर तालुक के सुवावाडी गांव में मरम्मा मंदिर में प्रसाद खाने के बाद 120 से अधिक लोग बीमार पड़ गए थे। घटना के दिन ही नौ लोगों की मौत हो गई थी जबकि छह लोगों की उसके बाद चार दिनों में मौत हो गई थी। 27 लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। प्रयोगशाला में हुई जांच के दौरान प्रसाद में कीटनाशक पदार्थ पाए गए। पुलिस को संदेह है कि राजस्व बंटवारे को लेकर मंदिर के प्रबंधन से नाराज एक गुट ने प्रसाद में जहर मिलाया होगा।

पुलिस का कहना है कि कथित तौर पर सल्लूर मठ के 52 वर्षीय पत्तडा इम्मादी महादेवस्वामी ने एक महिला और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर इसकी साजिश रची। महिला का नाम अंबिका बताया गया है, महिला का पति मदेश और एक अन्य व्यक्ति जिसका नाम डोडैया है, वे भी इसमें लिप्त बताए गए हैं।
बहरहाल, चामराजनगर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एम एस गीता ने कोई और जानकारी देने से इनकार कर दिया।पुलिस सूत्रों ने बताया कि महंत और एक महिला समेत कम से कम पांच लोगों की इस घटना में सीधी भूमिका है। अधिकारियों ने 15 दिसंबर की इस घटना को लेकर अभी तक 11 लोगों से पूछताछ की है।
गौरतलब है कि चामराजनगर जिले के हानुर तालुक के सुवावाडी गांव में मरम्मा मंदिर में प्रसाद खाने के बाद 120 से अधिक लोग बीमार पड़ गए थे। घटना के दिन ही नौ लोगों की मौत हो गई थी जबकि छह लोगों की उसके बाद चार दिनों में मौत हो गई थी। 27 लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। प्रयोगशाला में हुई जांच के दौरान प्रसाद में कीटनाशक पदार्थ पाए गए। पुलिस को संदेह है कि राजस्व बंटवारे को लेकर मंदिर के प्रबंधन से नाराज एक गुट ने प्रसाद में जहर मिलाया होगा।