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अगर आपके पास गुजरात का मॉडल है तो पाकिस्तान क्यूँ लगता है ? निखिल वागले

वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले का मोदी की नफरत भरी राजनीति पर एक तगड़ा प्रहार. तीस्ता सीतलवाड़ से बातचीत के दौरान वागले आने वाले चुनाव और मीडिया सेंशरशिप के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि 2014 में मोदी विकास के नाम पर सत्ता में आए थे लेकिन उनके शासन में खासतौर पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ी है.

वागले ने कहा कि 2013 से ही मीडिया में पत्रकारों पर मोदी के खिलाफ लिखने बोलने ही नहीं बल्कि ट्वीट करने तक पर पाबंदी लगा दी गई. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कई पत्रकारों को इसी कारण नौकरी से निकाल दिया गया. 2014 के बाद से सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवियों को टीवी पर बुलाना ही छोड़ दिया गया.