न्यायमूर्ति अंजना प्रकाश, सबा नकवी जैसे प्रख्यात वक्ताओं ने मेहनतकश जनता के संघर्षों को दबाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कठोर कानूनों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छात्रों, शिक्षाविदों, राजनीतिक और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, कलाकारों, दलित, मुस्लिम और आदिवासियों पर जिस तरह से कानून लागू कर प्रताड़ित किया जा रहा है, वह चिंता का विषय है।
तीस्ता सेतलवाड़ ने संगोष्ठी को दूरस्थ रूप से संबोधित किया और समाज में घृणास्पद भाषण फैलाने और अनदेखा करने के कई तरीकों का खुलासा किया। उन्होंने हेट स्पीच को बढ़ावा देने के विध्वंसक प्रयासों के बारे में बात की और बताया कि कैसे ये कार्य हमारे संवैधानिक अधिकारों को खोखला कर देते हैं।
तीस्ता सेतलवाड़ ने संगोष्ठी को दूरस्थ रूप से संबोधित किया और समाज में घृणास्पद भाषण फैलाने और अनदेखा करने के कई तरीकों का खुलासा किया। उन्होंने हेट स्पीच को बढ़ावा देने के विध्वंसक प्रयासों के बारे में बात की और बताया कि कैसे ये कार्य हमारे संवैधानिक अधिकारों को खोखला कर देते हैं।