पत्रकार और मानवाधिकार रक्षक तीस्ता सेतलवाड़ गुजरात की साबरमती जेल में हैं। सबरंग इंडिया उनके पिछले तीस वर्षों के कुछ सबसे प्रभावशाली कार्यों (और शब्दों) को दोहरा रहा है। हम उनके कार्यों व संघर्ष को अपनी स्मृति से भूलना नहीं चाहते। यह संघर्ष है भूलने के खिलाफ, हिंसा की व्हाइट वॉशिंग और क्लीन चिट के खिलाफ।
इलाहाबाद में मार्च 2018 में दर्ज इस विस्तृत भाषण में तीस्ता सीतलवाड़ ने कई वरिष्ठ वकीलों, प्रमुख हस्तियों और देश के युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने पिछले कुछ दशकों में नफरत और कट्टरता की राजनीति के माध्यम से बनाए गए शासन की फासीवादी प्रकृति की आलोचना की। देश के युवाओं के साथ जुड़ने के लिए सरकार की अनिच्छा और आज की पीढ़ी द्वारा उठाए जा सकने वाले कठिन सवालों के डर की आलोचना की।
उन्होंने युवाओं की सामाजिक और राजनीतिक शक्ति और विभाजनकारी राजनीति का मुकाबला करने में उभरती भीम सेना के योगदान के बारे में भी बताया।
इलाहाबाद में मार्च 2018 में दर्ज इस विस्तृत भाषण में तीस्ता सीतलवाड़ ने कई वरिष्ठ वकीलों, प्रमुख हस्तियों और देश के युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने पिछले कुछ दशकों में नफरत और कट्टरता की राजनीति के माध्यम से बनाए गए शासन की फासीवादी प्रकृति की आलोचना की। देश के युवाओं के साथ जुड़ने के लिए सरकार की अनिच्छा और आज की पीढ़ी द्वारा उठाए जा सकने वाले कठिन सवालों के डर की आलोचना की।
उन्होंने युवाओं की सामाजिक और राजनीतिक शक्ति और विभाजनकारी राजनीति का मुकाबला करने में उभरती भीम सेना के योगदान के बारे में भी बताया।