हिंसा

September 8, 2017
यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में बुधवार की रात ठाकुर बहुल गांव भूपखेड़ी गांव में दलित बस्ती में रहने वाले लोगों ने अपने गुरू समनदास के जन्मदिन के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। जिसमें बड़ी संख्या में दलित समाज के लोगों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में महिलाएं और युवतियां भी शामिल थीं। आरोप है कि रात में ठाकुर समुदाय के लोग कार्यक्रम में पहुंच गए और उन्होंने दलित समुदाय की महिलाओं और लड़कियों...
September 8, 2017
वरिष्ठ महिला पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद पूरा पत्रकार समाज डरा हुआ है। इस बीच महिला पत्रकार और लेखकों सहित पांच महिलाओं को जान से मारने की धमकी मिली है। इस बाबत राजधानी दिल्ली के थाने में मामला दर्ज कराया गया है। वरिष्‍ठ पत्रकार सागरिका घोष और लेखिका अरुंधति रॉय सहित पांच महिला हस्तियों को जान से मारने की धमकी दी गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इन पत्रकारों और लेखकों के धमकियां...
September 8, 2017
बीजेपी विधायक ने खुद माना कि अगर वरिष्ठ कन्नड़ पत्रकार गौरी लंकेश आरएसएस के खिलाफ नहीं लिखती तो वे आज जिंदा होतीं। ये बात कर्नाटक के पूर्व मंत्री और श्रृंगेरी से बीजेपी विधायक जीवराज ने कही। ज्ञात हो कि गत मंगलवार को रात करीब आठ बजे अज्ञात हमलावरों ने कन्नड़ भाषा की वरिष्ठ महिला पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या उनके आवास पर गोली मार कर कर दी थी। इस घटना के बाद पूरे देश में पत्रकार की सुरक्षा को...
September 7, 2017
सनसनीखेज सुर्खियों के पीछे कोई कहानी जरूर होती है। हमलोगों के जैसा पत्रकार इन हमलों पर अपनी किस तरह की राय बना सकता है। गौरी लंकेश पर ये हमला उनके आवास बैंगलुरू में 8:10 बजे हुआ। इस हमले में उनकी मौके पर मौत हो गई। हम सब सनसनी, दुःखभरी कहानी और विरोधों को मार्ग को पसंद करते हैं। मैं क्रोध और एक गहरा दुःख महसूस करती हूं। अगर मीडिया ने अपना काम किया होता तो वरिष्ठ पत्रकार और कार्यकर्ता गौरी...
September 6, 2017
वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार के ब्लॉग 'कस्बा' में प्रकाशित Image: PTI गौरी लंकेश नाम है पत्रिका का। 16 पन्नों की यह पत्रिका हर हफ्ते निकलती है। 15 रुपये कीमत होती है। 13 सितंबर का अंक गौरी लंकेश के लिए आख़िरी साबित हुआ। हमने अपने मित्र की मदद से उनके आख़िरी संपादकीय का हिन्दी में अनुवाद किया है ताकि आपको पता चल सके कि कन्नडा में लिखने वाली इस पत्रकार की लिखावट कैसी थी, उसकी धार कैसी...
September 6, 2017
गौरक्षकों द्वारा लोगों पर हमले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि इस तरह की हिंसा कभी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद देशभर में गौरक्षक सक्रिय हो गए और गाय और बीफ के नाम पर दलितों और मुस्लिम समाज के लोगों पर हमला कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष अदालत ने आदेश दिया है कि सभी जिलों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नोडल...
September 6, 2017
वरिष्ठ कन्नड़ पत्रकार गौरी लंकेश की मंगलवार रात उनके आवास पर गोली मारकर अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी। उनका आवास बैंगलुरू के राज राजेश्वरी इलाके में है। गौरी लंकेश निर्भीक और बेबाक पत्रकार थीं। वह लोकप्रिय कन्नड़ टैबलॉयड ‘लंकेश पत्रिका’ की संपादक थीं। गौरी ही हत्‍या की देश भर के बुद्धिजीवियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने घोर निंदा की है। केंद्रीय मंत्री स्‍मृति...
September 6, 2017
नरेंद्र दाभोलकर और एम एम कलबुर्गी की तरह तर्कवादी, इंसाफ पसंद और अन्याय विरोधी होने की कीमत शायद गौरी लंकेश को भी चुकानी पड़ी। बंगलूरू में मंगलवार को कट्टरपंथियों और असहिष्णु तत्वों के खिलाफ मुखर आवाज बन कर उभरी गौरी लंकेश को बंदूकधारियों ने गोली मार दी। दरअसल अन्याय और अत्याचार के खिलाफ बेखौफ पत्रकारिता की आवाज बन चुकी लंकेश की आवाज दबाने लिए ही उनकी हत्या की गई है। लेकिन ऐसी हत्याओं से व्यक्ति...
September 6, 2017
मंगलवार को वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश (55) की हत्या अज्ञात हमलावरों ने उनके आवास पर गोली मारकर कर दी। पुलिस के हवाले से मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कन्नड़ पत्रकार गौरी लंकेश को रात करीब साढ़े 8 बजे उस समय हमलावरों ने बिल्कुल करीब से गोली मारी जब वह राजराजेश्वरी नगर में अपने आवास के दरवाजे पर खड़ी थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने गौरी के सिर पर तीन गोलियां...
September 5, 2017
भारत में शरण लिए हुए रोहिंग्या के लिए भारी मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। भारत में रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार वापस भेजने के निर्णय की चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। Image Courtesy: borgenmagazine.com एक ऐसे वक्त में भारत सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को उनके देश म्यांमार भेजने को उतारू है, जब उन्हें जबरदस्त हिंसा का शिकार...