धार्मिक कट्टरपन

June 6, 2016
खबरों के मुताबिक नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पानसरे और एमएम कलबुर्गी जैसे तर्कवादी और अंधविश्वासों के खिलाफ अभियान चलाने वाले प्रगतिशील विचारकों-कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले की जांच में देश की चर्चित एजेंसी सीबीआई ने एक तरह से खुद को नाकाम घोषित कर दिया है और अब वह इन मामलों की जांच के लिए 'स्कॉटलैंड यार्ड' का सहारा लेने जा रही है। इसके पहले अंधविश्वासों और तांत्रिकों के खिलाफ लड़ने...
June 5, 2016
देश की गुलामी के दिनों में दो बहुत होनहार छात्र हुआ करते थे। एक था नाम था, मोहनदास करमंचद गांधी और दूसरे का भीमराव आंबेडकर। गांधी का मेन सब्जेक्ट नॉन वॉयलेंस था जबकि आंडबेकर का विषय सोशल जस्टिस। देश की आज़ादी के बाद इन दोनो होनहार विद्यार्थियों का रिजल्ट एनाउंस हुआ। गांधी टॉपर घोषित किये गये। सत्य-अहिंसा ही नहीं बल्कि सामाजिक न्याय में भी उन्हे शत-प्रतिशत अंक मिले, ये अलग बात है कि सामाजिक...
June 5, 2016
पिछले कुछ समय से आरएसएस-भाजपा की ओर से बाबा साहेब आंबेडकर को बढ़-चढ़ कर अपना आदर्श बनाने की कोशिश हो रही है। लेकिन अपनी राजनीति का उन सामाजिक वर्गों में विस्तार की मंशा के अलावा भी आरएसएस-भाजपा के लिए आंबेडकर का कोई महत्त्व है क्या? संघ की राजनीति और समाज की हकीकत किसी से छिपी नहीं है। लेकिन अपने शासन-व्यवहार में भाजपा और उसकी सरकार आंबेडकर और उनके आदर्शों को लेकर कितनी गंभीर है, गुजरात के...
June 4, 2016
एक ओर डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के सबसे ताकतवर सीईओ बनने और अमेरिका में दुनिया के मुसलमानों के घुसने से दूर रखने के दावे के साथ आगे बढ़ रहे हैं, तो दूसरी ओर भारत में संघ परिवार अपने युवाओं को हाथ में राइफल और लाठी देकर भारतीय मुसलमानों के खिलाफ 'प्रशिक्षण' दे रहा है! पिछले हफ्ते बजरंग दल को संभावित हमले के मद्देनजर एक व्यक्ति पर हमले का अभ्यास करते देखा गया, जिसे दाढ़ी और मुसलिम टोपी पहने पेश...
June 4, 2016
धार्मिक सत्ताओं के तहत चलने वाले देशों को तानाशाही के रूप में खुद को बनाए रखने के लिए धार्मिक खुराकों की जरूरत पड़ती रहती है। पाकिस्तान बनने के बाद से ही यह लगातार देखा जा सकता है कि वहां तानाशाही के लिए धार्मिक और भाषाई आधार पर महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लोकतांत्रिक अधिकारों में कटौती की गई। सबसे बुरे तानाशाह मुहम्मद जिया-उल-हक़ (1978-88) ने घोषणा की कि बतौर एक इस्लामी राज्य पाकिस्तान 'निजाम...
June 3, 2016
 Home page Image Credit: Planet Buddha कुछ वाकये हमें उस तरह की सैद्धांतिकी के व्यावहारिक पहलुओं को समझने में मदद करते हैं, जिसमें यह बताया जाता है कि व्यक्ति की शिक्षा-दीक्षा उसकी चेतना पर अनिवार्य रूप से असर डालते हैं। इस लिहाज से विज्ञान और तकनीक के साथ समाज का साबका और उसका व्यक्ति के सोचने-समझने या दृष्टि पर असर का विश्लेषण सामाजिक विकास के कई नए आयाम से रूबरू कराता है। कुछ साल...
June 2, 2016
संविधान और कानून ताक पर, हिंसक भीड़ के समाज का सपना ​ हमेशा अपनी उदारता का राग अलापने वाली भाजपा और उसके हिंदुत्व की राजनीति किस हद तक संवेदनहीन और निकृष्ट हो सकती है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। दादरी में हिंदुओं की भीड़ के हाथों बर्बरता से मार डाले गए मोहम्मद अख़लाक के मामले में एक बार फिर यही साबित हो रहा है। भीड़ ने एक मंदिर से 'आह्वान' के बाद अख़लाक के घर पर हमला किया और...
June 1, 2016
दलित विमर्श में करियर बनाने को बेचैन लोग कहीं उभरते क्रिकेटर प्रणव धनावड़े का करियर खत्म ना करवा दें? सोशल मीडिया पर दो दिन से इस बात का शोर है कि द्रोणाचार्य ने फिर एकलव्य का अंगूठा काट लिया। शोर बेवजह नहीं है। प्रणव के नाम स्कूल क्रिकेट की एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर के नाम ऐसी कोई उपलब्धि नहीं है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड...
May 31, 2016
​ फौजी रहे और फिलहाल देश के विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह की नजर में सबसे त्रासद और कई बार देश के सामने असुविधाजनक हालत खड़ी करने वाली घटनाएं भी 'मामूली' होती हैं। इसलिए जब दिल्ली में अफ्रीकी नागरिकों पर हमले के मामले पर व्यापक पैमाने पर चिंता जताई जा रही है, तो उन्होंने अपने विचार प्रकट किए कि ये हमले 'मामूली झड़प' थे और इसे महज मीडिया 'बढ़ा-चढ़ा कर' पेश कर रहा है। वीके...