अल्पसंख्यांक

July 26, 2016
  कंधमाल मेरे लिए कोई नया विषय नहीं है। काउंटरकरेंट्स डॉट ऑर्ग ने दो नवंबर 2003 को अंगना चटर्जी का लिखा एक लेख प्रकाशित किया था- 'ओड़िशाः अ गुजरात इन द मेकिंग।' यह लेख 2008 में कंधमाल में हुए आधुनिक भारत में ईसाइयों के खिलाफ सबसे बर्बर दंगों के पांच साल पहले छपा था, जिस दंगे में तिरानबे लोग मारे गए, आदिवासी ईसाइयों और दलित ईसाइयों के साढ़े तीन सौ से ज्यादा पूजा-स्थलों को नष्ट कर...
July 23, 2016
पिछले तेरह जून को जैसे ही ऑरलैंडो नाइट क्लब में हुई गोलीबारी की खबर सामने आई, अमेरिका के सभी मुसलमान भय से कांप उठे। हालांकि मन ही मन वे उम्मीद और दुआ कर रहे थे कि अपराधी कोई मुसलिम पहचान वाला न हो। लगभग इसी किस्म की प्रतिक्रिया मुसलमानों के बीच 2013 के बोस्टन मैराथन बमबारी और सन बर्नार्डीनो गोलीबारी की घटना के बाद हुई थी। दरअसल, अमेरिकी मुसलमान किसी आतंकी घटना के बाद इसी तर्ज पर...
July 23, 2016
चेन्नई की तकनीकी विशेषज्ञ की हत्या के मामले में जिस तरह धर्म और जाति संबंधी अतिवादी कयास लगाए गए, वह एक खतरनाक नतीजे की ओर ले जाने वाला अभियान था। चेन्नई में इन्फोसिस की एक कर्मचारी स्वाति की जघन्य हत्या के मामले में जो संदिग्ध गिरफ्तार हुआ, उसका नाम राम कुमार है। यह शुरू में साफ कर देना इसलिए जरूरी है कि इस मसले पर जिस तरह की प्रतिक्रिया सामने आई, वह एक खास राजनीतिक माहौल से पैदा हुई एक ऐसी...
July 22, 2016
Dadri to Gujarat : Rise In Rage! Rise in Support of the Ongoing Dalit Movement in Gujarat Challenging Assaults and Witch-Hunt by the Saffron 'Cow Protection' Brigade! Join Citizen's Protest Vigil Against Atrocity on Dalits in the Name of 'Cow Protection' 23 July Jantar Mantar 1.00 pm onwards Please Join With Your Own Banners And Placards! ·  ...
July 22, 2016
तथ्य पड़ताल टीम ने कहा - पुलिस अधिकारी चाहते तो हमलावरों को उना पहुंचने से पहले ही रोक सकते थे। गुजरात के उना में दलित युवकों के साथ जो बर्बरता हुई, उसे पुलिस चाहती तो पूरी तरह रोक सकती थी। इस मामले में सचाई का पता लगाने के लिए स्वतंत्र रिसर्चरों की जो टीम गुजरात गई उसकी रिपोर्ट में यह साफ कहा गया है कि पुलिस गाय की खाल निकालने वाले युवकों को घसीट कर उना ले जाने से पहले ही इस हमले को रोक...
July 20, 2016
निर्बल को न सताइये, जाकी मोटी हाय | मरे जीव के चाम से, लोह भस्म हो जाय ||   मेरे गुरु कबीर साहेब यह लिख गए हैं. आप पढ़ते नहीं तो गलती आपकी. अब भुगतिए. रोहित वेमुला को दबाने के लिए JNU किया गया था. गुजरात को दबाने के लिए क्या होगा? आप सब अनुभवी लोग हैं. अंदाजा लगाइए. मेरा सूत्र यह है कि जो भी होगा, ब्राह्मणवादी मीडिया के जरिए होगा और उसमें एक तरफ मुसलमान को जरूर रखा जाएगा. सही...
July 18, 2016
इन दिनों कई अख़बार और चैनल कश्मीर में मारे गये हिजबुल कमांडर बुरहान वानी और 2009 में आईएएस परीक्षा टॉप करने वाले शाह फैसल की तुलना कर रहे हैं। कश्मीर में तैनात शाह फ़ैसल ने इसे राष्ट्रीय मीडिया के एक हिस्से का जंगलीपन करा देते हुए एक फ़ेसबुक पोस्ट लगाई है। उन्होंने जो लिखा है, उसका अनुवाद यहाँ पेश है—      "राष्ट्रीय मीडिया के एक हिस्से ने एक मारे गए लड़ाके की...
July 17, 2016
​ कश्मीर जल रहा है। श्रीनगर की गलियों में लगता है जैसे कोई युद्ध छिड़ा  है। अब तक करीब 40 लोग मारे जा चुके हैं। करीब 2000 नागरिक और 1500 के  करीब सुरक्षा बलों के जवान घायल हैं। ऐसे माहौल में पत्रकारों के लिए तस्वीर के सभी पहलू सामने ला पाना वाक़ई एक चुनौती है। साहस, समझ और संवेदनशीलता के साथ सच्चाई को सामने रखना आसान नहीं होता, लेकिन इरादा अगर सिर्फ शोहरत और टीआरपी बटोरने का हो तो...
July 13, 2016
For some years now, and until a few months ago, it seemed that peace had at last returned to the Kashmir valley after years of militancy which began in 1989 as an indigenous movement of Kashmir’s Muslims but was soon hijacked and metamorphosed into Pakistan-backed terrorist activity involving the participation of Pakistani and other self-proclaimed jihadis committed, in the name of Islam...
July 5, 2016
RSS/BJP ने फ़िलहाल अपने अव्वल नंबर के देशभक्त 'वीर' सावरकर की स्तुति काफ़ी हद तक कम करदी है। इस की सब से बड़ी वजह यह है की इस 'वीर' की असली कहानी दुनिया के सामने आगई है ।[i] हिंदुत्व के इस 'वीर' ने अंग्रेज़ हुक्मरानों से एक बार नहीं बल्कि पांच बार (1911, 1913, 1914, 1918 और 1 920 में) रिहाई पाने के लिए माफ़ी-नामे लिखे जिन में अपने क्रांतिकारी इतिहास के लिए माफ़ी मांगी और आगे...