मिडिया
September 2, 2016
आज दिनांक 2 सितम्बर 2016 को प्रदेश के 27 जनसंगठनों व जनआंदोलनों ने भूमि अधिकार आंदोलन के बैनर तले करीब 600 की संख्या में इकट्ठा होकर देश के श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल को मज़बूती से समर्थन देते हुए उ0प्र0 की राजधानी लखनऊ में रैली निकाल कर गांधी प्रतिमा जी.पी.ओ पर जनसभा करके पुरज़ोर तरीके से विरोध प्रदर्शन किया।
दोपहर करीब 11 बजे चारबाग स्टेशन से रैली की शुरूआत की गयी। दूर...
September 2, 2016
बाबा साहेब, मुझे बचाओ!
संदीप कुमार पर संकट आया तो बाबा साहेब याद आ गए. दलित पहचान का हवाला देने लगे. मैंने कई नेताओं और अफसरों को, फंस जाने पर, इस तरह रोते गाते देखा है.
संदीप महाराज, दो साल जब आप मंत्री थे, तब बाबा साहेब के एजेंडे पर क्या कर रहे थे?
दलितों के सशक्तिकरण के लिए दिल्ली की आम आदमी पार्टी की आपकी सरकार ने कौन सा एक कदम उठाया? समाज कल्याण मंत्री के पद पर रहते हुए आपने...
August 26, 2016
लखनऊ 26 अगस्त 2016। ऊना, गुजरात में गौरक्षकों द्वारा दलितों की पिटाई के बाद ‘गाय की पूंछ तुम रखो, हमको हमारी जमीन दो’ के नारे के साथ पूरे देश में दलित अत्याचारों के खिलाफ आवाज बने जिग्नेश मेवाणी ने यूपी प्रेस क्लब में ऐलान किया कि भूमि अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई इस देश की लड़ाई होगी।
(Picture: Advocate Mohd. Shoeb and Jignesh Mevani)
गुजरात से आए ऊना दलित अत्याचार लड़त...
August 25, 2016
Report of Findings of the National Commission for SCs and STs on Scholar, Hyderabad Central University, Rohith Vemula's Suicide
Chairman P.L. Punia, June 22, 2016
/sites/default/files/rohit_vemula_ap-2-2016_after_correction_23-06-2016.pdf?441
August 25, 2016
Challenging the stigma changing the narrative...
August 25, 2016
Written by Dilip Mandal
पंडे-पुरोहित चला रहे हैं देश.
हम गोमूत्र पीने के ही काबिल देश हैं.
सरकार पिला कर मानेगी और हम पी कर रहेंगे!
हम सब अपने चारों ओर विज्ञान और टेक्नोलॉजी से घिरे हुए हैं. जीवन के हर क्षेत्र में इनका असर है.
ऐसे समय में केंद्र सरकार स्पेक्ट्रम की नीलामी को श्राद्ध यानी पितृ पक्ष खत्म होने तक टालने का मन बना रही है. 1अक्तूबर से नवरात्र शुरू है. टेलीकॉम...
August 19, 2016
Written by Kishore
इस सप्ताह स्वंत्रता दिवस की बहुत सी मुबारकबाद मिली.
वो उम्रदराज़ लोग जिन्होंने आज़ादी से पहले का वक्त देखा है उन्होंने समझाया कि आज़ादी में सांस लेने के मायने क्या है? आज़ाद मुल्क में आँख खोलने वाली ये नस्ल क्या गुलाम मुल्क की ग़ुलाम आवाम का दर्द समझ पाएगी? इन्ही सब सवालों से मुखातिब होते हुए स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं के बहुत से मुख्तलिफ संदेश मिले....
August 18, 2016
देश में ''राष्ट्रवादी पत्रकारिता'' के झंडाबरदार समाचार चैनल ज़ी न्यूज़ में जल्द ही कुछ बड़े बदलाव होने की ख़बर है। वैसे तो ज़ी न्यूज़ का दफ्तर किसी किले से कम नहीं है जहां पत्रकारों के मोबाइल ले जाने पर भी पाबंदी है, लेकिन ख़बर है कि सरकते-सरकते बाहर आ ही जाती है। सवा करोड़ की आबादी को राष्ट्रवाद की शिक्षा देने वाले इस चैनल में जुलाई के आखिरी दिनों में...
August 13, 2016
दो-तीन दिन से जारी बेचैनी से निजात पाने के लिए बोलना ज़रूरी था, पर अक़्ल के घोड़े रोके हुए थे। बार-बार कह रहे थे कि पानी में रहकर कब तक मगर से बैर लेते रहोगे ? लेकिन रेडियो मिर्ची पर अभी-अभी सआदत हसन मंटो की कहानी ‘ सन1919 की एक बात’ सुनने के बाद इन घोड़ों की लगाम कसने की ताक़त हासिल हो गई। पुराने दोस्त दारेन शाहिदी की पुरक़शिश आवाज़ में एक जिस्म बेचने वाली औरत के बदन से...