दलित

April 17, 2022
हिंदुत्ववादी संगठन अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के बाद अब दलित संगठनों को निशाना बनाने पर उतर आए हैं  ओडिशा के बरगढ़ जिले में अंबेडकर जयंती के दिन कथित रूप से बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अंबेडकरवादी युवाओं के ऊपर चाकू, डंडे से हमला किया, और अंबेडकर जयंती के बैनर छीनकर फाड़ दिए। आरोप है कि उपद्रवियों ने करीब 10 मोटरसाईकिलों को भी तोड़ दिया है। ऑल इंडिया लॉयर्स एसोसिएशन फॉर जस्टिस (...
April 2, 2022
पिछले चार साल से 2 अप्रैल, दलित-आदिवासी आंदोलन के लिए विशेष दिन के रूप में माना जाता है क्योंक इस दिन दलित व आदिवासीयों ने सड़क पर उतर कर ऐलान किया कि ‘अजा/जजा (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989’ ( संशोधितः 2015-2018 ) से छेड़छाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है और व्यापक आंदोलन कर जीत हासिल की। ज्ञात हो कि 20 मार्च 2018 को उच्चतम न्यायालय ने अजा/जजा (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तीन प्रमुख...
March 24, 2022
चार से पांच लोग गुस्से में जातिवादी गालियों का इस्तेमाल करते हैं और गलती से एक गिलास शराब गिर जाने पर उस व्यक्ति पर शारीरिक हमला करते हैं   एक भयावह घटना में, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में गुंडों ने कथित तौर पर एक व्यक्ति के चेहरे पर त्रिशूल उकेरा और उसे जातिसूचक गाली दी, केवल इसलिए कि उसने होली पर गलती से एक शराब का गिलास गिरा दिया था।   18 मार्च, 2022 को, कांशीराम कॉलोनी निवासी...
March 23, 2022
इस खबर ने हाथ से मैला उठाने वालों की दुर्दशा के लिए सरकार की चिंता के बारे में बेजवाड़ा विल्सन जैसे दलित कार्यकर्ता को निराश कर दिया। Representation Image | thestatesman.com   दलित अधिकार कार्यकर्ता और सफाई कर्मचारी आंदोलन (एसकेए) के संस्थापक बेजवाड़ा विल्सन ने केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के इस दावे को खारिज कर दिया है कि हाथ से मैला ढोने से कोई मौत नहीं हुई है, जैसा कि यूसीए न्यूज...
March 19, 2022
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जितेंद्र पाल मेघवाल के लाइफ स्टाइल मूछें रखने के चलते उन्हें मार दिया गया। राजस्थान के पाली जिले के बाली तहसील के बारवा गांव में रहने वाले कोविड हेल्थ सहायक जितेंद्र पाल मेघवाल की बीते मंगलवार हत्या कर दी गई। जितेंद्र पाल के परिवार के आरोपों के अनुसार जितेंद्र मेघवाल को दलित होते हुए गुड लुकिंग पर्सनैलिटी मैनटैन करने के चलते मार दिया गया। लेकिन पुलिस ने इन...
March 7, 2022
ब्रिटिश सरकार के शिकंजे से जो आदिवासी समाज मुक्त रहा उसे आजादी के बाद व्यवस्था ने जकङ लिया और आजीविका का आधार तथा सम्मान से जीने का अधिकार छिन जाने से उत्पन्न असंतोष ने आदिवासी इलाकों को अशांत बना दिया। जबकि संविधान के पांचवी अनुसूची वाले राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों में शासन और प्रशासन पर नियंत्रण की बात कही गई है। मतलब इन क्षेत्रों में आम सामन्य कानून लागू नहीं होंगे और स्वशासन के लिए ग्राम सभा...
February 25, 2022
चिंतित नागरिकों ने एक ओपन लेटर लिखकर इंगित किया है कि नया प्रावधान वित्तीय सहायता के लाभार्थियों को लूट लेगा Representation Image   केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति (एनओएस) के लिए अपने नए दिशानिर्देशों के साथ अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों को चौंका दिया, जो संस्कृति, विरासत, इतिहास और सामाजिक अध्ययन कार्यक्रम के...
February 23, 2022
गणतंत्र दिवस पर जज ने हटवाई थी गांधी के साथ लगी अंबेडकर की तस्वीर, कर्नाटक में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन   ऐसे समय में जबकि कर्नाटक गलत कारणों से दुनियाभर में प्रसिद्ध हो रहा है, यहां एक नीला जनसैलाब दिखाई पड़ा। दक्षिणपंथी ताकतों और उनकी सरकार द्वारा हिजाब पर निर्मित संघर्ष के दौर में राजधानी बैंगलोर ने मानवता के विशाल समुद्र के रूप में एक अभूतपूर्व एकजुटता देखी। गणतंत्र दिवस पर एक...
February 22, 2022
दलितों के खिलाफ इस तरह के हमलों के बढ़ते उदाहरण उत्तर प्रदेश के काले सच को दिखाते हैं, एक ऐसा राज्य जो खुद को देश में सबसे अच्छे शासित राज्यों में से एक के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। Image: Twitter   उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक दलित व्यक्ति जबर सिंह उर्फ ​​काला को तथाकथित "उच्च जाति" के गुंडों द्वारा पीटे जाने का मामला सामने आया है। इस मामले के वीडियो ने...
February 11, 2022
बीडीओ रौशन कुमार ने आरोप का खंडन किया, हालांकि एक वायरल वीडियो में उन्हें कथित तौर पर रमेश भुइयां को कई बार थप्पड़ मारते देखा गया है। Image Courtesy:telegraphindia.com   झारखंड के रांची में राजभवन के सामने मानवाधिकार रक्षकों के विरोध के एक दिन बाद एक दलित व्यक्ति को खंड विकास अधिकारी ने कथित तौर पर पीटा। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, रांची से करीब 270 किलोमीटर दूर गढ़वा जिले के...