दलित
May 5, 2016
अतिथि पोस्ट : चिंटू
जिशा, मेरी दोस्त मेरी यार, क्या कहूँ यार तुम्हारे साथ जो दंविये बर्बरता हुई उसके लिए मुझे शब्द नहीं मिल रहे हैं कुछ कहने को. ये देश ये समाज हर रोज़ ऐसे झटके देता रहता है और इतना देता है, इतना देता है, की हमारे लिए वीभत्स से वीभत्स घटना क्रूरतम से क्रूरतम घटना साधरण बन गई है और इन घटनाओं को पचाने की क्षमता में भी हम माहीर हो गए है. देखो न...
April 14, 2016
Babasaheb Ambedkar is equally critical of the Muslim League as the Idea of a Hindu Nation
On the Eve of Babasaheb's 125th Birth Anniversary, April 14, 2016, the Haryana Government Heaps Insults on Dalit History by renaming Gurgaon as Gurugram
The Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) is terribly busy re-writing history these days. It will be more appropriate to call it a...
April 13, 2016
First published on: February 12, 2016
On January 22, 2016, graduate students of the Babasaheb Bhimrao Ambedkar University Lucknow, created history of sorts when they raised sharp and aggressive slogans against Narendra Modi, the prime minister. “Modi go back,” they shouted as he addressed the Convocation barely four days after Rohith Vemula’s “institutional murder...
March 12, 2016
1934 को ‘हंस’ में प्रकाशित प्रेमचंद का यह लेख बेहद प्रासंगिक हो गया है.
यह तो हम पहले भी जानते थे और अब भी जानते हैं कि साधारण भारतवासी राष्ट्रीयता का अर्थ नहीं समझता, और यह भावना जिस जागृति और मानसिक उदारता से उत्पन्न होती है, वह अभी हम में बहुत थोड़े आदमियों में आई है. लेकिन इतना जरूर समझते थे कि जो पत्रों के संपादक हैं, राष्ट्रीयता पर लंबेे-लंबे लेख लिखते हैं और...
March 7, 2016
देश की सबसे पवित्र किताब यहां का संविधान है। यह किताब इसलिए पवित्र है क्योंकि यह हमें इस बात की आज़ादी देती है कि हम गीता, कुरान, बाइबिल या गुरु ग्रंथ साहिब जैसी अनेक किताबों में से जिसे चाहें, उसे पवित्रतम माने। हम अपनी धार्मिक किताबों के तथाकथित सम्मान के लिए आये दिन सड़क पर लाठी, तलवार और त्रिशूल भांजते रहते हैं। लेकिन क्या इस देश में संविधान के अपमान से कभी किसी की भावना आहत होती है...