दलित

July 21, 2016
Image: PTI गुजरात में दलितों का विद्रोह खास क्यों है? यह इसलिए कि जिस गाय के सहारे आरएसएस-भाजपा अपनी असली राजनीति को खाद-पानी दे रहे थे, वही गाय पहली बार उसके गले की फांस बनी है। बल्कि कहा जा सकता है कि गाय की राजनीति के सहारे आरएसएस-भाजपा ने हिंदू-ध्रुवीकरण का जो खेल खेला था, उसके सामने बाकी तमाम राजनीतिक दल एक तरह से लाचार थे और उसके विरोध का कोई जमीनी तरीका नहीं निकाल पा रहे थे। गुजरात...
July 21, 2016
कुछ बेहद गंभीर सवाल – धर्मशास्त्रों में मरी हुई गाय के निपटान की क्या व्यवस्था है? यह काम किस जाति के हिस्से है? दफनाया जाना है या अग्नि को समर्पित करना चाहिए? वेद, पुराण, गीता… ये ग्रंथ क्या कहते हैं? अंतिम संस्कार के मंत्र क्या हैं? मालिक की उपस्थिति होनी चाहिए या नहीं? श्राद्ध होगा या नहीं? पिंडदान कराना है या नहीं? अस्थि विसर्जन करना पड़ता है या...
July 21, 2016
पिछले कई बरसों से हम गुजरात मॉडल , इसके झूठ और अधूरे सच से जुड़ी कहानियां सुन-सुन कर थक चुके हैं। यह बात याद रखना जरूरी है राज्य में 2002 के जघन्य मुस्लिम नरसंहार के  दाग मिटाने के लिए 2007 के बाद इस मॉडल की बिक्री और और मार्केटिंग शुरू हुई। ऐसा नहीं है कि दूसरी सरकारों और राजनीतिक पार्टियों के दौर में सरकार में बैठे बड़े लोग और सत्ता के केंद्र रहे संस्थान अल्पसंख्यक विरोधी पूर्वाग्रह...
July 20, 2016
गाय मरी हुई थी, लेकिन इंसान जिंदा थे। वे मरी गाय की खाल उतार रहे थे, बदले में आपने उनकी खाल खींच ली। आपका कदम पूरी तरह नैतिक था। गाय आपकी माता ठहरी, अपना परलोक सुधारने से लेकर दूसरो को परलोक भेजने तक आप जैसे चाहें उनके नाम का इस्तेमाल करें, आपका जन्मसिद्ध अधिकार है। A Dalit protests in Ahmedabad on Tuesday against attacks on the community. Photo: PTI लेकिन हाय रे दुर्भाग्य! खाल आपने...
July 20, 2016
निर्बल को न सताइये, जाकी मोटी हाय | मरे जीव के चाम से, लोह भस्म हो जाय ||   मेरे गुरु कबीर साहेब यह लिख गए हैं. आप पढ़ते नहीं तो गलती आपकी. अब भुगतिए. रोहित वेमुला को दबाने के लिए JNU किया गया था. गुजरात को दबाने के लिए क्या होगा? आप सब अनुभवी लोग हैं. अंदाजा लगाइए. मेरा सूत्र यह है कि जो भी होगा, ब्राह्मणवादी मीडिया के जरिए होगा और उसमें एक तरफ मुसलमान को जरूर रखा जाएगा. सही...
July 20, 2016
  गुजरात से सैकड़ो किलोमीटर दूर मुंबई. शहर का हाल के दिनों का सबसे बड़ा जनसैलाब. बाबा साहेब का बुद्ध भूषण प्रेस और आंबेडकर भवन को रात के अंधेरे में गिराए जाने के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर. आंबेडकरवादियों से शांति की अपील मत कीजिए सरकार. संविधान और कानून की इज्जत वह आपसे ज्यादा करता है. जो शांतिपूर्ण नहीं है, वह कुछ भी हो सकता है लेकिन आंबेडकरवादी नहीं. जब वह सबसे अधिक...
July 20, 2016
गौ – आतंकवाद नहीं चलेगा. गुजरात में भी नहीं चलेगा UPDATE: – पूरे प्रदेश में तूफान. कई जगहों पर लोगों ने ट्रैफिक रोका. बसों में तोड़फोड़, सड़कों पर टायर जलाए गए – सुरेंद्रनगर कलेक्टर ऑफिस में तीन ट्रक भरकर गायों के शव पहुंचाने के बाद, कई और कार्यालयों में गायों के अवशेष पहुंचाए गए – बहन मायावती ने मामला राज्य सभा में उठाया, राज्यसभा की कार्यवाही रोकी गई...
June 30, 2016
Rohith Vemula’s institutional murder has, once again focused on the discrimination and violence against Dalit-Bahujan scholars. in Indian institutions of higher education. The persistent demand for a Rohith Act has echoed in past months; here is the fleshed out version Dilip Mandal , Consultant Editor of Sabranghindi interviews Supreme Court advocate Nitin Meshram, who is drafting a...
June 13, 2016
Image: Sreepati Ramudu जख्मों पर नमक रगड़ते हुए मोदी-राज ने दलित-विरोधी प्रोफेसर को हैदराबाद विश्वविद्यालय में प्रो-वीसी बना दिया। यह वही आदमी है जिसे 2008 में दलित स्कॉलर सेंथिल कुमार की मौत के लिए जिम्मेदार माना जाता है। वरिष्ठ फैकल्टी मेंबर प्रोफेसर श्रीपति रामुदु ने विपिन श्रीवास्तव को हैदराबाद विश्वविद्यालय का प्रो-वीसी बनाए जाने के विरोध में सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोशल एक्स्क्लूजन एंड...
June 10, 2016
Upper caste people broke the arm of a 13-year-old Dalit boy in Sehore because he drank water from the well of an upper caste farmer. Image: Hindustan Times मध्यप्रदेश में सामंतवाद और जाति उत्पीड़न की जड़ें बहुत गहरी रही हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आकड़ों पर नजर डालें तो 2013 और 2014 के दौरान मध्यप्रदेश दलित उत्पीड़न के दर्ज किये गए मामलों में चौथे स्थान पर था. लेकिन ये तो महज दर्ज...