चंद्रशेखर की गिरती सेहत के मद्देनजर रासुका हटाया जाये - दारापुरी

Written by Sabrangindia Staff | Published on: November 15, 2017
“चंद्र्शेखर की गिरती सेहत के मद्देनज़र रासुका हटाया जाये” यह मांग आज एस.आर. दारापुरी संयोजक उत्तर प्रदेश जनमंच एवं सदस्य स्वराज अभियान उत्तर प्रदेश समिति ने आज प्रेस को जारी बयान में कही है. उन्होंने कहा है कि सितम्बर के आखिरी सप्ताह से भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर की सेहत खराब चल रही है. सितम्बर में उसे जेल में कई दिन तक बुखार, पेट दर्द तथा सांस लेने में तकलीफ की शिकायत रही थी जो बाद में टाईफाईड में बदल गयी थी. सेहत में अधिक गिरावट आने पर उसे 27 अक्तूबर को जेल से जिला अस्पताल सहारनपुर भेजा गया था जहाँ पर उसे आईसीयू में रखने की ज़रुरत पड़ी थी. यह बड़ी हैरानी कि बात है कि उसे उसी शाम ही अस्पताल से फिर जेल भेज दिया गया. 

Chandrashekhar Bhim Army

इसके बाद जेल में उसकी सेहत निरंतर बिगडती रही और अंततः 8 नवम्बर को उसे मेरठ मेडिकल कालेज भेजना पड़ा. वहां पर उसे ट्रामा सेंटर में 13 नवम्बर तक रखा गया और कल उसे फिर सहारनपुर जेल वापस भेज दिया गया. इस बीच उसके घर वालों को छोड़ कर किसी को भी उससे मिलने नहीं दिया गया. डाक्टरों द्वारा न तो उसके घर वालों और न ही किसी और को चंद्रशेखर की बीमारी तथा उसके इलाज के बारे में कोई जानकारी दी गयी है. सरकार के इस रवैयिये से आम लोगों में चंद्रशेखर की सेहत को लेकर तरह तरह की चर्चाएँ तथा शंकाएं पनप रही हैं. 

सूत्रों के अनुसार चंद्रशेखर की सेहत में भारी गिरावट आई है. उसका वजन काफी कम हो गया है. उसके फेफड़ों में संक्रमण है तथा उसे सांस लेने में भी कुछ दिक्कत है. उसके पेट में भी संक्रमण तथा सूजन है. उसे चलने फिरने में काफी कमजोरी महसूस हो रही है. उसे तरल भोजन लेना पड़ रहा है. पता नहीं सरकार उसे अस्पताल में रख कर उचित इलाज कराने की बजाये उसे जेल में बंद रखने पर क्यों तुली हुयी है?

इधर चंद्रशेखर की बिगड़ती सेहत के मद्देनजर रासुका हटाने की मांग को लेकर कल लखनऊ में भीम आर्मी डिफेंस कमेटी के तत्वाधान में एक प्रेस कांफ्रेंस की गयी जिस में चंद्रशेखर की गिरती सेहत के मद्देनज़र मानवीय आधार पर रासुका हटाने की मांग की गयी. इसके अतिरिक्त चंद्रशेखर तथा शब्बीरपुर के दो दलितों पर रासुका लगाने तथा चंद्रशेखर को उचित डाक्टरी इलाज उपलब्ध न कराए जाने के विरोध में सहारनपुर के चार गाँव में 6 दिन से दलित महिलाएं भूख हड़ताल पर बैठी हैं जिन में से दो की तबियत काफी बिगड़ चुकी है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है. ऐसी सम्भावना है कि यदि सरकार द्वारा इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम शीघ्र नहीं उठाया गया तो यह विरोध और तेज़ी पकड़ सकता है. 

अतः डिफेंस कमेटी फार भीम आर्मी, उत्तर प्रदेश जनमंच एवं स्वराज अभियान योगी सरकार से मांग करता है कि चंद्रशेखर की बिगडती सेहत के मद्देनज़र उस पर लगाया गया रासुका तुरंत वापस लिया जाये और उसे जमानत पर जेल से रिहा किया जाये ताकि वह अपना उचित इलाज करा सके.

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