पीएम मोदी के आवास से महज 50 मीटर की दूरी पर स्वच्छ भारत मिशन की स्थिति बदतर

Written by Sabrangindia Staff | Published on: June 19, 2017
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई महत्वाकांक्षी अभियानों और योजनाओं में से एक स्वच्छ भारत अभियान की अब कलई खुल रही है। साल 2014 में महात्मा गांधी के जन्म दिवस 2 अक्टूबर को पीएम मोदी ने वाल्मीकि बस्ती में झाड़ू लगाकर अभियान की शुरुआत की थी। ये बस्ती पीएम आवास से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। लेकिन अब प्रधानमंत्री आवास से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित 400 परिवारों की बस्ती गंदगी से अटी पड़ी है।


Image: VIPIN/ National Herald

नेशनल हेराल्ड में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक चार सौ परिवारों की ये बस्ती करीब पचास साल पहले यहां बसी थे। यहां स्वच्छता और सफाई की स्थिति दयनीय है। बस्ती के लोगों के मुताबिक पिछले तीन साल में स्थिति और बदतर हो गई है। दिल्ली रेस क्लब के अधिकारियों ने हाल ही में सभी पाइप और नालियों को तोड़ दिया जो क्लब की दीवारों के साथ-साथ गुजर रहे थे। ये नालियां मुख्य़ नालों में जाकर गिरती थी जिससे बस्ती का गंदा पानी निकल जाता था। इन नालियों के टूटने से गंदा पानी बस्ती में ही इधर-उधर जमा हो जाता है। सीमा की दीवार पर तार लगाई गई है जिससे लोग नालियों को नहीं खोल पाते हैं। गंदे पानी के निकलने का कोई विकल्प नहीं है। शिविर के बीच में एक शौचालय कंप्लेक्स है जहां पर गंदगी का अंबार है। बस्ती के भीतर नालियां गंदे पानी और कचरों से भर जाती है जिससे गंदी बदबू पैदा होने लगती है। इससे महामारी फैलने की ज्यादा संभावना है।

बस्ती के भीतर जाने वाला कोई भी व्यक्ति ठहरे गंदे पानी के पास महिलाओं को कपड़ा, बर्तन धोते या खाना बनाते देख सकता है। इन्हीं गंदे पानी के पास पीने के पानी का नल भी है और लोग इन्हीं नलों से पीने का पानी भरते हैं। बच्चे भी इन्हीं जगहों पर खेलते हैं और हमेशा खतरा बना रहता है कि कहीं वे इस गंदे पानी वाले खड्डे में गिर न जाएं।

रिपोर्ट के मुताबिक बस्ती के ज्यादातर लोग स्वच्छता की स्थिति को लेकर चिंतित नजर आए। नालियों का पानी गलियों में बहने लगता है और घरों में घुस जाता है। बस्ती में रहने वाले सुमन के मुताबिक वे दिन भर में कई-कई बार घरों से गंदे पानी निकालते हैं। घरों में एक तरफ से गंदा पानी निकाला जाता है और दूसरी तरफ से प्रवेश कर जाता है।   

बस्ती का सार्वजनिक शौचालय की भी बुरी स्थिति है और इसे तत्काल मरम्मत कराने की आवश्यकता है। सुमन ने आगे कहा कि मुझे डर लगता रहता है कि परिवार के लोगों को संक्रमण न हो जाए। रिपोर्ट के मुताबिक बस्ती में गंदे पानी की समस्या समेत अन्य समस्याओं को लेकर शिविर के मुखिया के रमेश कुमार के नेतृत्व में लोगों ने तुगलक रोड थाने में शिकायत की थी। रमेश ने कहा कि 50 सालों से बस्ती के नाले का पानी नल्ला में गिरता था जो दिल्ली रेस क्लब दीवार से सटा है। लेकिन क्लब के अधिकारियों ने इस नाले को तोड़ दिया जिससे यहां के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। महिलाओं को काफी ज्यादा समस्या हो रही है। निकास की व्यवस्था न होने के चलते जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। इसके चलते पूरी बस्ती में हवा गंदी हो गई है। जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।  

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