मोदी सरकार ने ‘गौमूत्र’ के वैज्ञानिक लाभ के लिए बनाई कमेटी

Written by Sabrangindia Staff | Published on: July 17, 2017
मोदी सरकार ने गौमूत्र का फायदा लोगों को बताने के लिए एक 19 सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी वैज्ञानिक तौर पर गौमूत्र पर शोध करेगी। इस कमेटी में आरएसएस और वीएचपी के तीन सदस्य होंगे।

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी एक अंतरविभागीय सर्कुलर और समिति के सदस्यों ने दी। कमेटी की अध्यक्षता विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन करेंगे। यह कमेटी ऐसी परियोजनाओं को चुनेगी जो पोषण, स्वास्थ्य और कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में गाय का गोबर, मूत्र, दूध, दही और घी के लाभों को वैज्ञानिक रूप से बताएगी।

‘राष्ट्रीय संचालन समिति’ नाम की समिति में नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय, बायोटेक्नॉलजी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विभागों के सचिव और दिल्ली के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के वैज्ञानिक शामिल हैं।

जारी किए गए सर्कुलर में कहा गया है कि बासमती चावल और हल्दी पर यूएस के पेटेंट के खिलाफ अभियान चलाने के लिए प्रसिद्ध पूर्व सीएसआईआर निदेशक आर ए माशेलकर भी इस कमेटी के सदस्य हैं। कमेटी में आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रफेसर वी रामगोपाल राव और आईआईटी के ग्रामीण विकास एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के प्रफेसर वीके विजय भी शामिल हैं।

इस कमेटी में आरएसएस से जुडे संगठन विज्ञान भारती के अध्यक्ष विजय भटकर सहअध्यक्ष हैं। भटकर बिहार के राजगीर में नालंदा यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति भी हैं। भटकर के अनुसार उन्हें स्वदेशी गाय और पंचगव्य पर वैज्ञानिक रूप से विधिमान्य अनुसंधान की परियोजनाएं चुनने का काम दिया गया है। आरएसएस से जुड़े दो अन्य सदस्य विज्ञान भारती के महासचिव जयकुमार और गो विज्ञान अनुसंधान नागपुर के सुनील मनसिंहका हैं।

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