मुंबई के शिया मुसलमान, सुन्नी बिरादरी के साथ: बाबरी मस्जिद केस

Written by SabrangIndia Staff | Published on: August 12, 2017
आज इन्किलाब अख़बार में यह अद्वेर्तिसेमेन्ट से जारी की गयी यह खबर है 

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हम मुंबई के शिया मुसलमान, शिया वक्फ़ बोर्ड के सुप्रीम कोर्ट में कथित  हस्तक्षेप और हलफ़नामे की कड़ी निंदा करते हैं.  ख़बरों से पता चला है कि शिया वक्फ़ बोर्ड ने बाबरी मस्जिद वाली जगह के बदले कोई और ज़मीन लेने देने की बात की है.





ये भाजपा सरकार की तरफ़ से किया गया खतरनाक मंसूबा लगता है, बाबरी मस्जिद शहीद होने के केस में मुंबई के शिया पूरी तरह सुन्नी मुसलमानों के साथ हैं, और साथ रहेंगे.

अभी के शिया वक्फ़ बोर्ड को, मुंबई के शिया मुसलमानों की तरफ़ से कोई भी क़दम उठाने का अधिकार नहीं है. इस तरह के ग़लत और ग़ैर ज़िम्मेदाराना हस्तक्षेप, मुसलमानों की एकता और बाबरी मस्जिद के इन्साफ़ के साथ धोखाधड़ी है.

हम, मुंबई के शिया मुसलमान, कभी भी किसी भी फ़िर्कापरस्त मंसूबे के झांसे में नहीं आएंगे, और आपसी इत्तेहाद और इन्साफ़ के लिए अपने सुन्नी भाइयों के साथ कंधे से कन्धा मिला कर साथ देंगे.
 
 Signatories:
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सफ़दर करमाली, प्रेसिडेंट, खोजा शिया इथना-अशरी जमात, मुंबई.

डा० एस. फखरुल हसन रिज़वी, प्रेसिडेंट, शिया इशना अशरी जमात, मुंबई उपनगर.

अमीर रिज़वी, मेम्बर, इंडियन मुस्लिम्स फॉर सेक्युलर डेमोक्रेसी.

और मुस्लिम्स एसोसिएशन फॉर पीस एंड हार्मोनी, मुंबई  के : 

खान मो० अब्बास (रिज़वान) - प्रेसिडेंट, 
फ़िरोज़ जाफ़री (मंडप वाले) - वाईस प्रेसिडेंट, 
एस. फैयाज़ अली - सेक्रेटरी, 
सफ़दर एच. पंजवानी - जेनरल सेक्रेटरी

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