गुजरात के किसानों को 2 रूपए प्रति किलो भी नहीं मिल रही आलू की कीमत, डंप करने को मजबूर

Written by Sabrangindia Staff | Published on: October 14, 2017
किसानों पर राजनीति कर उनके वोट हासिल करने वाली बीजेपी के राज्य गुजरात में आलू की उपज करने वाले किसानों को उसकी कीमत नहीं मिल रही है। इसके चलते वे अपने फार्म में ही आलू को डंप कर रहे हैं। इसकी उपज करने वाले किसानों को उसके बीज और खाद तक की कीमत नहीं मिल पा रही है।

Gujarat Potato farmers
Image: Times of India


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दीसा के किसानों से दो रूपए भी आलू खरीदने वाला कोई नहीं है। किसान के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वे उसे बाजार तक पहुंचा सके।

दीसा कोल्ड स्टोरेज ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गणपत कछवा ने कहा कि किसानों की स्थिति बहुत ही बुरी है। उनके उपज की कीमत तीन रूपए भी कोई नहीं दे रहा है। 80 किलो की एक बोरी की कीमत मात्र 170 मिल रहे है, इसके लिए भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है। गणपत ने कहा कि ये कीमत बीज और खाद से भी काफी कम है।

उन्होंने आगे कहा कि नवंबर महीने में नए फसल की बुआई की जाएगी और अब भी कोल्ड स्टोरेज में आलू के 40 प्रतिशत स्टॉक मौजूद हैं। गणपत ने कहा कि इस बार भी 2011 जैसी स्थिति है जब किसानों और व्यापारियों ने अपने हजारों किलो आलू सड़कों पर फेंक दिए थे।बनसकांठा में करीब 200 कोल़्ड स्टोरेज हैं।

दीसा के मालगढ़ गांव के किसान कस्तुरजी मली ने कहा कि किसानों को आलू की कीमत दो रूपए प्रति किलो भी नहीं मिल रही है। एपीएमसी दीसा के व्यापारी तीन रूपए किलो आलू खरीद रहे हैं लेकिन हमारे पास इतना पैसा नहीं है कि हम इसको एपीएमसी तक ले जाए। 
 

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