पश्चिम बंगाल में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, मुस्लिमों ने कराई हिंदू युवती की शादी

Written by Sabrangindia Staff | Published on: November 27, 2017
देश में बढ़ते सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और जातीय टकराव के दौर के बीच ऐसी खबरें भी आती रहती हैं, जिससे समरसता और सौहार्द बनाने में आम लोगों को कोशिशों पर विश्वास बढ़ जाता है।

Peacemakers

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के खानपुर गांव में ऐसा ही उदाहरण सामने आया है। यहां लोगों ने गंगा-जमुनी तहजीब की अद्भुत मिसाल पेश की है।

मालदा जिले के खानपुर गांव में 600 मुस्लिम परिवार के बीच हिंदुओं के सिर्फ छह परिवार हैं। यहां मुसलमानों के समूह ने एक हिंदू युवती के लिए चंदा जुटाया और उसकी धूमधाम से शादी करवाई। इसकी पहल स्थानीय मदरसा के हेड मास्टर मोतीउर्ररहमान ने की जिससे गांव की बेटी सरस्वती की शादी गांव के ही युवक तपन चौधरी से हो सकी। सरस्वती के पिता की तीन साल मौत हो गई थी। पति के मौत बाद पत्नी शोभारानी पर पांच बेटियों और एक बेटे के पालने की जिम्मेदारी आ गई थी और दो जून का भात जुटाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में वह बेटी की शादी का भारी-भरकम खर्च कहां से उठा पाती।

स्थानीय मदरसा के मास्टर मोतीउर रहमान ने बताया, शोभारानी की इस समस्या का जब उन्हें पता चला तो उन्होंने अपने पड़ोसियों से इस मामले में बातचीत की। सभी इस बात से सहमत थे कि सरस्वती की शादी का मिलजुल कर खर्च जुटाया जाए। इसके बाद रहमान और उनके साथियों ने सरस्वती की शादी के लिए पूरा खर्च जुटाया और धूमधाम से उसकी शादी की। मोतीउर्रहमान ने पिता की भूमिका में बारातियों का स्वागत किया और कहा कि आखिर सरस्वती गांव की ही ती बेटी है।  
 

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