पुलिस हिरासत में मृत दलित युवक के शरीर पर 21 गहरे जख्मः रिपोर्ट

Written by Sabrangindia Staff | Published on: June 19, 2017
गुजरात में 14 जून को पुलिस हिरासत में जिग्नेश संदर्व नाम के 29 वर्षीय एक दलित युवक की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक के शरीर पर 21 गहरे जख्म निशान पाए गए हैं। ज्ञात हो कि जिग्नेश को राजूला से करीब 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित डूंगर गांव से पुलिस ने 12 जून को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे राजूला न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। परिजनों और दलित नेताओं का आरोप है कि जिग्नेश की मौत पुलिस हिरासत में हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस आरोप को खारिज किया है

Custodial Deaths

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक युवक के शव का पोस्टमार्टम भावनगर सर टी हॉस्पिटल के पांच डॉक्टरों की टीम द्वारा किया गया। रिपोर्ट में ये पाया गया कि जिग्नेश के शरीर पर पाए गए गहरे जख्म किसी कठोर वस्तु से मारे जाने के बाद हुए है। शरीर के ऊपरी हिस्से गर्दन, सिर समेत विभिन्न हिस्सों में गहरे जख्म पाए गए हैं। उधर परिजनों का आरोप है कि युवक की मौत पुलिस हिरासत में हुई है वहीं पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज किया है। अमरेली के एसपी जगदीश पटेल ने कहा कि युवक के शरीर पर पाए गए 21 चोट के निशान सामान्य हैं। पटेल ने आगे कहा कि अभी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर में सूचना के अधिकार के जरिए राज्य मानवाधिकार आयोग से मंगाए गए आंकड़ों के मुताबिक 2011 से 2016 के बीच हिरासत में मौत के 415 पाए गए। इसमें अहमदाबाद शहर के सबसे ज्यादा मामले हैं। यहां पुलिस हिरासत में इस दौरान 104 मौत हुईं। दूसरा स्थान वदोदरा का है जहां 47 मौत हुई। तीसरे और चौथे नंबर पर क्रमशाः राजकोट और सूरत है।  

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