भाजपा शासित राज्यों में भगवा तांडव: मध्य प्रदेश में धर्मांतरण का आरोप लगाकर पादरियों को पीटा

Written by Sabrangindia Staff | Published on: December 16, 2017
नई दिल्ली। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद से हिदुत्ववादी संगठनों का उत्पात अल्पसंख्यकों पर जारी है। संघ की विचारधारा पर चलने वाले अराजक तत्व समाज में जहर ही नहीं घोल रहे बल्कि खूनखराबे पर भी उतर आए हैं। इसकी शुरूआत 2015 में अखलाक की हत्या के रूप में यूपी से हुई थी। हालांकि उस वक्त वहां सपा की सरकार थी लेकिन एक इंसान को मारने के आरोपी की मौत पर जिस तरह का प्रदर्शन और सहायता इन कथित हिंदुत्व के ठेकेदार और सत्तापक्ष के नेताओं द्वारा की गई वह चिंताजनक है। 



अब भाजपा शासित राजस्थान में एक मुसलमान की हत्या लव जेहाद के नाम पर कर दी गई। इस हत्यारे का महिमामंडन किया जा रहा है। विहिप और बजरंग दल के उत्पातियों द्वारा कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और खुलेआम दंगा फैलाने के ऐलान किए जा रहे हैं। अब ऐसा ही मामला भाजपा शासित मध्य प्रदेश से सामने आ रहा है। यहां एक चर्च के पादरी को हिंदुत्ववादी संगठन के लोगों की शिकायत पर हिरासत में लिया गया है। 

हिंदुत्ववादी संगठनों ने पादरी पर धर्म परिवर्तन कराने की शिकायत दर्ज कराई। सतना जिले में शुक्रवार को कथित रूप से जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में पादरी को गिरफ्तार कर लिया गया और 40 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है। 



धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में गिरफ्तार किए गए पादरी ईसाई संगठनों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर उनके वाहनों में आग लगाने का आरोप लगाया है और शिकायत दर्ज कराई है। ईसाई संगठनों ने आरोप लगाया कि कुछ उपद्रवियों ने गुरुवार रात पादरियों सहित ईसाइयों के साथ मारपीट की। इन उपद्रवियों ने पादरियों की एक कार को भी सतना के सिविल लाइन पुलिस थाने परिसर में कथित रूप से आग के हवाले कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सतना सिविल लाइन पुलिस थाने की कार्यकारी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर मोहिनी शर्मा ने बताया, 'हमने भूमखर गांव के धर्मेन्द्र दोहर (21) की शिकायत पर (पादरी) एम जॉर्ज एवं पांच अन्य (अज्ञात) लोगों पर धर्मान्तरण कराने का मामला दर्ज किया है। शिकायत में धर्मेन्द्र ने आरोप लगाया है कि 10 दिसंबर को गैर कानूनी तरीके से धर्मान्तरण कर उसे ईसाई बनाया गया है।' 

उन्होंने बताया कि पुलिस ने पादरियों के वाहन को आग के हवाले करने के मामले में भी अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस बीच, सतना के फादर एम रॉनी ने बताया, 'सतना जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर भूमखर गांव में क्रिसमस के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। रात नौ बजे इसमें गैर ईसाई युवकों का एक दल घुस आया और जोर-जोर से चिल्लाने लगे कि कार्यक्रम में धर्मान्तरण किया जा रहा है।' 

उन्होंने आरोप लगाया, 'जब इन युवकों ने वहां हंगामा किया, तब इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस दो पादरियों एवं 32 पादरी प्रशिक्षकों को सिविल लाइन पुलिस थाने ले गई, जहां उपद्रवियों ने फिर उनके साथ मारपीट की। फादर रॉनी ने बताया कि मामले का समाचार सुनकर चार पादरी उनको छुड़ाने के लिए थाने पहुंचे, लेकिन इनसे भी पिटाई की गयी तथा उनकी कार जला दी गयी। 

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