दलित आंदोलनों के बीच बीजेपी ने खेला दलित कार्ड, कोविंद को बनाया राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार

Written by Sabrangindia Staff | Published on: June 19, 2017
बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए ने  बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को अपना राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। माना जा रहा है की उत्तरप्रदेश के दलित परिवार से संबंध रखने वाले रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी में अपनी पकड़ और ज्यादा मजबूत करने का दांव खेला है। अगर कोविंद को राष्ट्रपति चुना लिया जाता है तो पहला ऐसा मौका होगा जब यूपी से ही सांसद मोदी  देश के प्रधानमंत्री और यूपी से संबंध रखने वाले कोविंद देश के राष्ट्रपति होंगे।


 
बता दें कि हाल में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर इलाके में दलितों के खिलाफ उच्च जातियों के भेदभाव के बाद समाज कई दिनों से प्रदर्शन कर रहा है। दलित समाज पुलिस कार्रवाई के खिलाफ भी लगातार प्रदर्शन कर रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो इस घटना के बाद दलित समाज पूरी तरह बीजेपी के खिलाफ हो गए हैं और इसी खाई को पाटने के लिए बीजेपी दलित कार्ड का दांव खेला है। ज्ञात हो कि केंद्र और उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार है और दलित समाज बीजेपी पर भेदभाव का आरोप लगाते रहे हैं।
 
पीएम मोदी के नेतृत्व में सोमवार को हुई बीजेपी संसदीय दल की बैठक में कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया गया है।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया गया है और ये संकेत दिए कि वे आगामी 23 जून को राष्ट्रपति पद चुनाव में एनडीए प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन कर सकते हैं। रामनाथ कोविंद उत्तरप्रदेश के कानपुर के दलित समाज से संबंध रखते हैं और पेशे से वकील हैं।

बाकी ख़बरें