अधिकारियों की मिलीभगत से आदिवासियों और गरीबों की लूटी जा रही जमीनः तिर्की

Written by Sabrangindia Staff | Published on: June 19, 2017
झारखंड के पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की मिलीभगत से राज्य में आदिवासी और गरीबों की जमीन लूटी जा रही है़। उन्होंने कहा है कि आदिवासियों पर चारों तरफ से हमला किया जा रहा है़।   


 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तिर्की ने कहा कि भू-माफिया और सरकारी अधिकारी फर्जीवाड़ा कर आदिवासियों को उनकी जमीन से बेदखल कर रहे है़ं। उन्होंने कहा कि पुदांग और बजरा मौजा में 800 एकड़ से ज्यादा आदिवासी व सरकारी जमीन को गलत तरीके से बेच दिया गया़। ये सब अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना संभव ही नहीं है़, ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करे़। जांच के बाद अंचल के कर्मचारी और अधिकारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज किया जाए और ऐसे लोगों को सरकार जेल भेजे। तिर्की ने कहा कि जमीन को लेकर एक बड़ा रैकेट काम कर रहा है़।  
 
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि अंचल से जमीन के रिकॉर्ड गायब किए जा रहे है़ं। आदिवासी जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए जाली कागजात बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार आदिवासियों को बचाना चाहती है तो इनके जमीनों की गंभीरता से जांच कराए। तिर्की ने कहा कि अभी केवल बजरा और पुंदाग मौजा का मामला सामने आया है़ बाद में और भी कुछ मामला सामने आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को वक्त रहते इस मामले पर ध्यान देना चाहिए। बंधु तिर्की ने कहा कि जमीन के डिजिटलाइजेशन के नाम पर भी बहुत बड़ा खेल हो रहा है़। बड़े पैमाने पर मझियस जमीन पर भूमाफियाओं की नजर है़। इस जमीन पर सालों से आदिवासी कृषि कर रहे हैं। इसे दूसरे के हाथों में बेचा जा रहा है़। उन्होंने कहा कि झाविमो इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा़। आदिवासियों को उनका हक दिलाने के लिए पार्टी सड़क पर उतरेगी़।

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